बिहार: सतर्कता ब्यूरो ने रिश्वत मामले में रोसेरा की डीसीएलआर को गिरफ्तार किया

Patna, 27 अगस्त . Thursday को एक बड़े भ्रष्टाचार विरोधी अभियान में सतर्कता जांच ब्यूरो ने समस्तीपुर जिले के रोसेरा की उप संग्राहक भूमि सुधार (डीसीएलआर) कंचन कुमारी झा को कथित तौर पर भूमि विवाद निपटाने के लिए 2 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया.

यह अभियान रोसेरा स्थित उनके Governmentी आवास पर चलाया गया.

आरोपों के अनुसार, विभूतिपुर निवासी मनोज कुमार महतो से जुड़ा एक भूमि विवाद डीसीएलआर के समक्ष लंबित था.

झा ने कथित तौर पर शिकायतकर्ता के पक्ष में मामले को सुलझाने के बदले में 2 लाख रुपए नकद और एक वाशिंग मशीन की मांग की थी.

शिकायत मिलने के बाद, सतर्कता विभाग ने जाल बिछाकर कार्रवाई करने से पहले आरोपों की पुष्टि की.

Thursday तड़के करीब 9 बजे, शिकायतकर्ता सतर्कता अधिकारियों के साथ डीसीएलआर के आवास पर गया, जहां झा को कथित तौर पर 2 लाख रुपए लेते हुए पकड़ा गया.

गिरफ्तारी के बाद, सतर्कता अधिकारियों ने Governmentी आवास को घेर लिया और परिसर की व्यापक तलाशी ली.

जांच के तहत दस्तावेजों, अलमारियों और अन्य सामग्रियों की जांच की गई.

रिपोर्टों में यह भी बताया गया कि तलाशी के दौरान लगभग 13 लाख रुपए नकद बरामद किए गए.

हालांकि, इस बरामदगी की आधिकारिक पुष्टि सतर्कता विभाग द्वारा की जानी बाकी है.

अधिकारी आवास से बरामद नकदी और अन्य दस्तावेजों के स्रोत की जांच कर रहे हैं.

सतर्कता दल द्वारा तलाशी और दस्तावेजीकरण जारी रखने के दौरान रोसेरा Police कर्मी भी परिसर के बाहर मौजूद थे.

ऑपरेशन की खबर फैलने के बाद आवास के बाहर भीड़ जमा हो गई, लेकिन जांच और सबूतों की सुरक्षा के लिए इलाके को सील कर दिया गया.

मूल रूप से मधुबनी जिले की निवासी कंचन कुमारी झा लगभग डेढ़ साल से रोसेरा डीसीएलआर के पद पर कार्यरत हैं.

डीसीएलआर बिहार के राजस्व प्रशासन में विशेष रूप से भूमि संबंधी विवादों और अपीलों की सुनवाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं.

रिश्वत मांगने के आरोप में उनकी गिरफ्तारी ने समस्तीपुर के प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है.

सतर्कता विभाग कथित रिश्वतखोरी, तलाशी के दौरान बरामद नकदी और आधिकारिक आवास से मिले अन्य दस्तावेजों की जांच जारी रखे हुए है.

एमएस/

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