
Patna, 8 सितंबर . बिहार में बाढ़ की गंभीर स्थिति के बीच प्रमुख नदियों के जलस्राव में कमी और स्थिरता आने से अब राहत की उम्मीद जगी है. कोसी और सोन नदी के जलस्राव में कमी की प्रवृत्ति दर्ज की गई है, जबकि गंडक का जलस्राव स्थिर बना हुआ है. हालांकि, कई स्थानों पर गंगा, गंडक, कोसी, बूढ़ी गंडक, पुनपुन, बागमती और घाघरा नदियां अब भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं.
विभाग के मुताबिक Tuesday शाम छह बजे वीरपुर बराज पर कोसी नदी का जलस्राव 1,61,135 क्यूसेक दर्ज किया गया, जिसकी प्रवृत्ति घटने की है. इंद्रपुरी बराज पर सोन नदी का जलस्राव 1,05,827 क्यूसेक रहा और इसकी प्रवृत्ति स्थिर बताई गई है.
वाल्मीकिनगर बराज पर गंडक का जलस्राव 92,900 क्यूसेक दर्ज किया गया. भागलपुर के सुल्तानगंज में गंगा का जलस्तर 36.80 मीटर दर्ज किया गया, जो 17 अगस्त 2021 को दर्ज पिछले उच्चतम बाढ़ स्तर 36.75 मीटर से 0.05 मीटर अधिक है. हालांकि यहां भी जलस्तर की प्रवृत्ति स्थिर बनी हुई है.
राज्य के 14 जिलों Patna, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया और अरवल के 82 प्रखंडों की 491 ग्राम पंचायतों में करीब 35.89 लाख आबादी बाढ़ से प्रभावित हुई है.
आपदा प्रबंधन विभाग के मुताबिक, प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने के लिए 456 सामुदायिक रसोई संचालित की जा रही हैं. इनके माध्यम से अब तक 10 लाख से अधिक लोगों को सुबह-शाम भोजन उपलब्ध कराया जा चुका है.
वहीं, 14 राहत शिविरों में 12 हजार से अधिक लोगों के रहने, भोजन और चिकित्सा की व्यवस्था की गई है. शिविरों में बच्चों को दूध और महिलाओं को सेनेटरी किट भी उपलब्ध कराई जा रही है. बाढ़ प्रभावित इलाकों में 1.20 लाख से अधिक पॉलीथीन शीट और 22,900 ड्राई राशन पैकेट वितरित किए जा चुके हैं. मवेशियों के लिए 4,650 क्विंटल से अधिक पशुचारा भी बांटा गया है. आवागमन और राहत कार्यों के लिए 1,876 नावों का परिचालन कराया जा रहा है. त्वरित बचाव कार्य के लिए एसडीआरएफ की 27 और एनडीआरएफ की 10 टीमें विभिन्न जिलों में तैनात हैं.
प्रभावित क्षेत्रों में मेडिकल कैंप और बोट एंबुलेंस के जरिए चिकित्सा सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है. इस बीच मौसम विभाग के अनुसार एक जून से आठ सितंबर तक बिहार में 601.1 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य से 27 प्रतिशत कम है. हालांकि सितंबर में अब तक सामान्य से 31 प्रतिशत अधिक वर्षा हुई है. अगले दो दिनों में राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश तथा कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है. आपदा प्रबंधन विभाग ने कहा है कि नदियों के जलस्तर और प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है.
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एमएनपी/एमएस