बिहार : ‘जदयू मतलब नीतीश कुमार’ से गरमाई बिहार की सियासत

Patna, 13 सितंबर . जनता दल (यूनाइटेड) के नाम में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बिहार के पूर्व Chief Minister नीतीश कुमार का नाम जोड़ने की मांग ने अब बिहार की सियासत को गरमा दिया है. जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा की ओर से उठी इस मांग को प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने खुलकर समर्थन देकर साफ कर दिया है कि पार्टी के भीतर इस मुद्दे पर सहमति का माहौल बन रहा है.

उमेश कुशवाहा ने social media मंच एक्स पर दो टूक लिखा, “जेडीयू मतलब नीतीश कुमार.” खगड़िया में आयोजित ‘फरक्का जल संधि पर नीतीश संवाद’ कार्यक्रम का जिक्र करते हुए उमेश कुशवाहा ने कहा कि राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने पार्टी के नाम को नीतीश कुमार के नाम से जोड़ने को लेकर जो भावना व्यक्त की, वह जदयू के प्रत्येक कार्यकर्ता के अंतर्मन की आवाज है. उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार पार्टी के सर्वमान्य नेता हैं और वही जदयू की सबसे बड़ी पूंजी हैं.

प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि नीतीश कुमार के अथक परिश्रम, संघर्ष और खून-पसीने से जदयू का संगठन खड़ा हुआ है. उनके आदर्शों, सिद्धांतों और विचारधारा से प्रेरित होकर पार्टी का प्रत्येक कार्यकर्ता ‘न्याय के साथ विकास’ के संकल्प को आत्मसात करते हुए विकसित बिहार के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा कि संजय झा ने लाखों कार्यकर्ताओं की सामूहिक भावना और नीतीश कुमार के प्रति अटूट आस्था को आवाज दी है. पार्टी कार्यकर्ताओं की नीतीश कुमार के प्रति निष्ठा और विश्वास अडिग है.

उमेश कुशवाहा ने यह भी स्पष्ट किया कि संजय झा की इस भावना के साथ जदयू के कार्यकर्ता पूरी दृढ़ता से खड़े हैं और इसमें किसी तरह के किंतु-परंतु की गुंजाइश नहीं है. इससे पहले बिहार Government के मंत्री और जदयू नेता श्रवण कुमार भी इस प्रस्ताव के समर्थन में उतर चुके हैं. उन्होंने कहा था कि यदि पार्टी के नाम में नीतीश कुमार का नाम जोड़ने का प्रस्ताव आता है तो उसे सर्वसम्मति से पारित किया जाएगा. इस तरह संजय झा के प्रस्ताव के बाद पार्टी के दो प्रमुख नेताओं के समर्थन से यह मुद्दा अब जदयू के भीतर महज चर्चा तक सीमित नहीं रह गया है.

बता दें कि जदयू के इस रुख पर राजद ने तीखा हमला बोला है. राजद नेता भाई वीरेंद्र ने तंज कसते हुए कहा कि पार्टी को बर्बाद करने वाले लोग ही अब उसका नाम बदलने की बात कर रहे हैं. उन्होंने दावा किया कि अगले एक-दो महीने में जदयू पूरी तरह टूट जाएगी और जब पार्टी में दो-चार लोग ही बचेंगे, तब उसका नाम ‘जनता दल नीतीश’ रख दिया जाएगा.

नीतीश कुमार के नाम को जदयू के नाम से जोड़ने की मांग ऐसे समय सामने आई है, जब पार्टी संगठन और नेतृत्व में Chief Minister की भूमिका को लगातार केंद्र में रखा जा रहा है. संजय झा के प्रस्ताव के बाद उमेश कुशवाहा और श्रवण कुमार का समर्थन और राजद की तीखी प्रतिक्रिया ने इस मुद्दे को बिहार की राजनीति में नया सियासी रंग दे दिया है. अब निगाहें इस बात पर हैं कि पार्टी के भीतर उठी यह मांग आगे औपचारिक प्रस्ताव का रूप लेती है या नहीं.

एमएनपी/पीएम

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