बिहार एमएलसी चुनाव: जीत के बाद भी जदयू में खींचतान, नीरज कुमार बोले- ललन सिंह से बधाई के लिए नहीं मिलूंगा

Patna, 29 अक्टूबर . बिहार विधान परिषद की आठ सीटों के चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद अब इसके Political साइड इफेक्ट सामने आने लगे हैं. Patna स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से लगातार चौथी बार जीत दर्ज करने वाले जदयू के विधान पार्षद नीरज कुमार के ताजा बयान से पार्टी के भीतर जारी खींचतान की चर्चा तेज हो गई है.
Union Minister और जदयू के वरिष्ठ नेता राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह से मुलाकात और बधाई लेने के सवाल पर नीरज कुमार ने स्पष्ट कहा कि वह इसके लिए नहीं मिलेंगे. नीरज कुमार ने Patna स्नातक सीट पर जीत के बाद Chief Minister सम्राट चौधरी, पूर्व Chief Minister नीतीश कुमार और जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा से मुलाकात की है. हालांकि, ललन सिंह से मुलाकात को लेकर पूछे गए सवाल पर उनके जवाब ने पार्टी के भीतर सियासी हलचल को फिर चर्चा में ला दिया.
नीरज कुमार ने कहा, “नहीं, कोई सवाल ही पैदा नहीं होता है. सवाल यह पैदा होता है कि पूरे चुनावी प्रकरण में मेरा क्या गुनाह है? आखिर मेरा कोई गुनाह तो होगा न, क्या गुनाह है आखिर? तो हमको क्यों चुनाव की प्रक्रिया में इतनी परेशानी झेलनी पड़ी?” उन्होंने कहा कि उन्हें अपने माता-पिता और पूर्वजों से यही सीख मिली है कि अगर किसी से कर्ज लिया जाए तो उसे लौटाना चाहिए.
उन्होंने Political घटनाक्रम का जिक्र करते हुए कहा कि वह राजनीति के इस कर्ज को सूद सहित लौटाएंगे. नीरज कुमार के इस बयान को चुनाव के दौरान पार्टी के भीतर बने तनाव से जोड़कर देखा जा रहा है. Patna स्नातक सीट पर चुनाव के दौरान जदयू के आधिकारिक उम्मीदवार नीरज कुमार को चुनौती का सामना करना पड़ा था.
मोकामा के विधायक अनंत सिंह ने जन सुराज के उम्मीदवार डॉ. अनुज सिंह का समर्थन किया था. चुनाव के दौरान सामने आए घटनाक्रम ने पार्टी के भीतर मतभेदों को सार्वजनिक कर दिया था. नीरज कुमार ने कहा कि उन्हें पार्टी कार्यकर्ताओं का भरपूर प्यार और समर्थन मिला है. उन्होंने कहा कि लोग अलग-अलग माध्यमों से उन्हें बधाई और आशीर्वाद दे रहे हैं. उनके मुताबिक, उनके आवास पर अब भी बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद हैं.
ललन सिंह की भूमिका को लेकर पूछे गए सवाल पर नीरज कुमार ने कहा कि अगर मुंगेर के सांसद चाहते तो सुलह की स्थिति बन सकती थी, लेकिन उन्होंने खुद सुलह की कोई कोशिश नहीं की. उन्होंने स्पष्ट किया कि वह सुलह के पक्षधर नहीं थे.
इधर, नीरज ने अनंत सिंह से बधाई लेने पर कहा कि उनसे बधाई ले कौन रहा है, ऐसे लोगों से बधाई लेने पर तो पाप चढ़ता है. विधान परिषद चुनाव में जीत के बाद भी नीरज कुमार के इस बयान ने जदयू के भीतर चुनावी घटनाक्रम को लेकर जारी असहजता को उजागर किया है. अब Political गलियारों में इस बात को लेकर चर्चा है कि चुनाव के दौरान उभरे मतभेदों का पार्टी के भीतर आगे क्या असर पड़ता है.
–
एमएनपी/एसके


