
Patna, 13 अक्टूबर . बिहार के पूर्णिया से एक ऐसा मामला सामने आया है, जहां अपहरणकर्ताओं की तलाश में Police रातभर परेशान रही, लेकिन जब कथित अपहृत युवक मिला तो चौंकाने वाला राज खुल गया.
मामला अमौर थाना क्षेत्र का है. यहां एक युवक के अपहरण और उसे छोड़ने के बदले एक लाख रुपए की फिरौती मांगे जाने की सूचना मिली थी. इसके बाद Police महकमे में हड़कंप मच गया.
दरअसल, अमौर थाना क्षेत्र के बागढर गांव के वार्ड नंबर 11 के रहने वाले अब्दुल करीम ने Police को सूचना दी कि उनका करीब 26 वर्षीय बेटा सबा जफर घर से लापता है. इसी बीच उसके कथित अपहरण और एक लाख रुपए की फिरौती मांगने की बात सामने आई.
मामले की गंभीरता को देखते हुए बायसी एसडीपीओ जितेंद्र पांडे के नेतृत्व में विशेष Police टीम गठित की गई. Police ने टोल प्लाजा से लेकर रेलवे स्टेशनों तक के cctv फुटेज खंगाले. डीआईयू की मदद से तकनीकी जांच की गई और रातभर की मशक्कत के बाद सबा जफर को सकुशल बरामद कर लिया गया, लेकिन असली कहानी युवक की बरामदगी के बाद सामने आई.
Police के मुताबिक, युवक का अपहरण हुआ ही नहीं था. उसे पैसों की जरूरत थी और परिजनों से एक लाख रुपए हासिल करने के लिए उसने कथित तौर पर खुद के अपहरण और फिरौती की झूठी कहानी रची थी. जिस युवक को बचाने के लिए Police रातभर दौड़ती रही, उसी युवक पर अपने अपहरण की झूठी कहानी रचने का आरोप सामने आया.
इस मामले में अमौर थाना कांड संख्या 457/26 के तहत केस दर्ज कर अपहरण की साजिश रचने को लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है. इसी के साथ Police ने लोगों से अपील की है कि झूठी या भ्रामक सूचना देकर Police का समय और संसाधन बर्बाद न करें, क्योंकि इससे वास्तविक आपातकालीन मामलों में कार्रवाई प्रभावित हो सकती है.
मामले को लेकर एसडीपीओ बायसी, पूर्णिया, जितेंद्र पांडे ने बताया कि सूचना मिली कि बागढर के सबा जफर का फिरौती के लिए अपहरण कर लिया गया है. उसके परिजनों ने थाने को सूचना दी. सूचना मिलने पर वरीय Police अधीक्षक के दिशा-निर्देशों पर एक टीम का गठन किया गया.
टीम ने छापेमारी की कार्रवाई की और वैज्ञानिक अनुसंधान के आधार पर सबा जफर को जलालगढ़ से बरामद किया. बरामदगी के बाद सबा जफर ने बताया कि आर्थिक तंगी के कारण उसने साजिश रची थी.
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डीके/एबीएम