बार-बार दूध की कीमतें बढ़ाकर जनता पर बोझ डाल रही कर्नाटक सरकार: भाजपा

Bengaluru, 29 अक्टूबर . कर्नाटक में विपक्ष के नेता आर. अशोक ने Thursday को राज्य Government पर बार-बार दूध की कीमतें बढ़ाकर जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने का आरोप लगाया और कहा कि प्रस्तावित वृद्धि से गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों का जीवन और कठिन हो जाएगा. उन्होंने कांग्रेस Government को चेतावनी भी दी कि यदि वह इस वृद्धि को आगे बढ़ाती है तो विरोध प्रदर्शन किया जाएगा.
दरअसल, कर्नाटक Government ने Thursday की सुबह दूध की कीमतों में 8 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी की घोषणा की, जो 1 नवंबर से प्रभावी होगी. इस बढ़ोतरी का 7 रुपए किसानों को और 1 रुपए दूध संघों को मिलेगा. किसानों को मिलने वाला मूल्य 35 रुपए से बढ़कर 42 रुपए प्रति लीटर हो जाएगा और मौजूदा 5 रुपए की Governmentी सब्सिडी को मिलाकर उन्हें 47 रुपए प्रति लीटर प्राप्त होंगे.
अशोक ने सवाल उठाया कि क्या आवश्यक वस्तुओं की लागत बढ़ाना और अतिरिक्त कर लगाना कांग्रेस Government की कर्नाटक के लोगों को दी गई गारंटी है? उन्होंने कहा कि जहां आम लोग पहले से ही बढ़ती कीमतों से जूझ रहे हैं, वहीं Government उनकी जेब पर और बोझ डालने पर तुली हुई प्रतीत होती है.
कांग्रेस Government पर लोगों के जीवन स्तर में सुधार के वादे के बावजूद उन्हें और महंगा बनाने का आरोप लगाते हुए अशोक ने मांग की कि वह उन प्रस्तावों को तुरंत वापस ले जिनसे गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों पर बोझ बढ़ेगा.
उन्होंने चेतावनी दी कि अगर Government प्रस्तावित बढ़ोतरी को लागू करती है तो भाजपा सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेगी और उनकी नीतियों को जनविरोधी करार दिया.
Chief Minister डीके शिवकुमार को संबोधित करते हुए अशोक ने पूछा कि क्या Government द्वारा दूध की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी का सिलसिला अभी खत्म नहीं हुआ है, और आरोप लगाया कि Government अब एक और बढ़ोतरी की तैयारी कर रही है.
नंदिनी दूध की कीमतों में पहले हुई बढ़ोतरी का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि Government ने जुलाई 2023 में 3 रुपए, जून 2024 में 2 रुपए और मार्च 2025 में 4 रुपए की बढ़ोतरी की थी. उन्होंने आरोप लगाया कि Government अब 8 रुपए की और बढ़ोतरी पर विचार कर रही है.
अशोक ने कहा कि अगर प्रस्तावित बढ़ोतरी पूरी तरह से लागू हो जाती है तो कुल बढ़ोतरी 17 रुपए तक पहुंच जाएगी, जिससे नंदिनी टोंड दूध की कीमत 46 रुपए से बढ़कर 54 रुपए हो जाएगी.
उन्होंने कर्नाटक राज्य सड़क परिवहन निगम (केएसआरटीसी) और Bengaluru महानगर परिवहन निगम (बीएमटीसी) सहित राज्य परिवहन निगमों द्वारा संचालित बसों के किराए में वृद्धि की चर्चाओं पर भी चिंता व्यक्त की.
उन्होंने सवाल उठाया कि क्या Government का इरादा दूध का दैनिक सेवन करने वाले बच्चों से लेकर काम पर आने-जाने के लिए बसों पर निर्भर आम लोगों तक, सभी पर बोझ डालना है?
प्रस्तावित वृद्धि की तुलना जलती आग पर घी डालने से करते हुए अशोक ने कहा कि आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती कीमतों से पहले से ही जूझ रहे लोगों पर अतिरिक्त लागत थोपना जन कल्याण के सिद्धांतों के विपरीत है.
उन्होंने Government से आग्रह किया कि वह किसानों के हितों और परिवहन निगमों द्वारा हुए नुकसान को कीमतों में वृद्धि का कारण बताने से पहले अपने वित्तीय प्रबंधन का स्पष्टीकरण दे.
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एएसएच/डीकेपी


