
New Delhi, 7 अक्टूबर . बार्सिलोना और चेल्सी के पूर्व विंगर पेड्रो रोड्रिग्ज ने 39 साल की उम्र में प्रोफेशनल फुटबॉल से संन्यास लेने की घोषणा कर दी. पेड्रो ने अपने करियर में फीफा वर्ल्ड कप, यूरोपियन चैंपियनशिप और यूईएफए चैंपियंस लीग जैसे खिताब जीते.
पिछले सीजन के आखिर में इटैलियन क्लब लाजियो छोड़ने के बाद से पेड्रो किसी क्लब के साथ नहीं जुड़े थे. स्पेन के इस पूर्व अंतरराष्ट्री खिलाड़ी ने social media पर अपने फैसले की पुष्टि करते हुए कहा कि उन्हें लगा कि यह उनके जीवन में एक नया अध्याय शुरू करने का सही समय है.
पेड्रो ने अपने करियर के कुछ बेहतरीन पलों वाले एक वीडियो के साथ लिखा, “मुझे लगता है कि अब सही समय आ गया है. यह आगे बढ़ने और अपने जीवन में एक नया अध्याय शुरू करने का समय है. मैं अपने सपनों को पूरा करने और उन सभी लोगों के प्रति गर्व के साथ खेल को अलविदा कह रहा हूं जो उन्हें सच करने में मेरे साथ थे. मुझे इतना खुश करने के लिए फुटबॉल, तुम्हारा शुक्रिया.”
पेड्रो 17 साल की उम्र में टेनेरिफ से बार्सिलोना के यूथ सिस्टम में शामिल हुए और क्लब की अकादमी से आगे बढ़ते हुए ‘बार्सा बी’ का प्रतिनिधित्व किया. उन्होंने 2007/08 सीजन के दौरान फर्स्ट-टीम में डेब्यू किया और 2009 में सीनियर खिलाड़ी के तौर पर अपना पहला कॉन्ट्रैक्ट साइन किया.
उन्होंने जल्द ही बार्सिलोना की स्टार-स्टडेड टीम में खुद को एक अहम खिलाड़ी के तौर पर स्थापित कर लिया. 2009/10 सीजन के दौरान, पेड्रो एक ही सीजन में क्लब द्वारा खेले गए सभी छह ऑफिशियल कॉम्पिटिशन में गोल करने वाले पहले खिलाड़ी बने. उन्होंने ला लीगा, कोपा डेल रे, चैंपियंस लीग, स्पेनिश सुपर कप, यूरोपियन सुपर कप और क्लब वर्ल्ड कप में गोल दागे.
बार्सिलोना के साथ उनके सबसे यादगार पलों में से एक पल 2011 में वेम्बली में मैनचेस्टर यूनाइटेड के खिलाफ चैंपियंस लीग फाइनल का था. पेड्रो ने पहला गोल किया और बार्सिलोना ने 3-1 से जीत हासिल करते हुए अपना चौथा यूरोपियन खिताब जीता.
पेड्रो रोड्रिग्ज साल 2015 में चेल्सी चले गए, जहां उन्होंने अपना सफल करियर जारी रखा और बाद में इटैलियन क्लब रोमा और लाजियो का प्रतिनिधित्व किया. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर, पेड्रो स्पेन की उस टीम का हिस्सा थे, जिसने साउथ अफ्रीका में फीफा वर्ल्ड कप 2010 और यूरोपियन चैंपियनशिप 2012 जीती थी.
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आरएसजी