Skip to content
Wednesday, 4 November 2026
Hindi Daily Kiran India, Rajasthan, business, sports, tech और अन्य श्रेणियों की ताज़ा हिन्दी ख़बरें।
BREAKING
INDIA

बांग्लादेश: मीरपुर में लगातार तीसरे दिन श्रमिकों और पुलिस के बीच झड़प

बांग्लादेश: मीरपुर में लगातार तीसरे दिन श्रमिकों और Police के बीच झड़प

ढाका, 3 नवंबर . न्यूनतम वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर बांग्लादेश के मीरपुर में प्रदर्शनरत श्रमिकों और Police के बीच लगातार तीसरे दिन झड़प हुई. जिससे यातायात बाधित हुआ और एक मेट्रो स्टेशन को भी कुछ देर के लिए बंद करना पड़ा. स्थानीय मीडिया के अनुसार, हंगामे के बाद भीड़ को तितर-बितर करने के लिए Police ने आंसू गैस के गोले और साउंड ग्रेनेड छोड़े.

न्यूज एजेंसी यूएनबी के अनुसार, बांग्लादेश में कपड़ा उद्योग के श्रमिकों का न्यूनतम वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है. गाजीपुर, सावर-अशुलिया और नारायणगंज के प्रमुख औद्योगिक इलाकों में Monday को हजारों श्रमिक सड़कों पर उतरे. उग्र प्रदर्शन के चलते देश की 264 फैक्ट्रियों में कामकाज ठप पड़ा है.

ढाका ट्रिब्यून ने प्रत्यक्षदर्शियों के हवाले से बताया कि Tuesday को मीरपुर में Police और श्रमिकों के बीच लगातार तीसरे दिन झड़पें हुईं. सुबह करीब 10:15 बजे भिड़ंत हुई जब Police ने मीरपुर-11 इलाके में कर्मचारियों को सड़क जाम करने से रोकने की कोशिश की.

कर्मचारी बीच-बीच में गलियों से बाहर आते और Police पर ईंट-पत्थर फेंकते देखे गए. जवाब में Police ने उन्हें तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले और साउंड ग्रेनेड छोड़े. इस टकराव के दौरान इलाके में तनाव फैल गया और यातायात पूरी तरह ठप हो गया.

सुबह के समय, श्रमिक अपनी फैक्ट्रियों से बाहर निकल आए और अपने कार्यस्थलों के पास जमा हो गए. कुछ समूह पास की गलियों में भी इकट्ठा हो गए थे.

स्थानीय निवासी और प्रत्यक्षदर्शी यूसुफ अहमद ने ‘बांग्ला ट्रिब्यून’ को बताया कि मीरपुर-10 और मीरपुर-11 के बीच स्थित कई फैक्ट्रियों के पुरुष और महिला कर्मचारी अपने कार्यस्थलों के बाहर जमा हो गए थे.

प्रदर्शनकारियों ने न्यूनतम मासिक वेतन 30 हजार टका करने, श्रमिकों की ब्लैकलिस्टिंग बंद करने और छंटनी रोकने की मांग कर रहे हैं. अब तक Police और श्रमिकों के बीच झड़पों में कम से कम 10 लोग घायल हुए, जबकि आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाओं के बाद 264 कपड़ा कारखानों में सामान्य अवकाश घोषित करना पड़ा.

बांग्लादेश के औद्योगिक क्षेत्रों में श्रमिकों का यह आंदोलन ऐसे समय तेज हुआ है, जब Government ने Sunday को न्यूनतम वेतन की समीक्षा के लिए छह सदस्यीय वेतन बोर्ड गठित करने की घोषणा की थी.

Prime Minister तारिक रहमान ने Sunday को संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया था कि कपड़ा श्रमिकों के हितों की रक्षा के साथ परिधान उद्योग में उत्पादन और निर्यात भी निर्बाध बनाए रखा जाए. उन्होंने श्रमिक आंदोलन के नाम पर हिंसा, तोड़फोड़ और अशांति फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी थी.

श्रम एवं रोजगार मंत्री अरिफुल हक चौधरी ने छह सदस्यीय न्यूनतम वेतन बोर्ड के गठन की घोषणा करते हुए श्रमिकों से सड़कों पर प्रदर्शन करने के बजाय काम पर लौटने की अपील की थी. इसके बावजूद लगातार तीसरे दिन प्रदर्शन जारी है.

बांग्लादेश का परिधान उद्योग देश की अर्थव्यवस्था और निर्यात का एक प्रमुख आधार है. ऐसे में गाजीपुर, सावर-अशुलिया और नारायणगंज जैसे बड़े औद्योगिक केंद्रों में उत्पादन बाधित होने और कारखानों के बंद रहने से कपड़ा निर्यात पर भी असर पड़ने की आशंका है.

–

केआर/

Share