
Lucknow, 10 सितंबर . बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) पार्टी सुप्रीमो मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद को पार्टी से निष्कासित कर दिया है. मायावती ने social media प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी. साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि आकाश आनंद के ससुर और पार्टी के वरिष्ठ नेता अशोक सिद्धार्थ ने राजनीति से पूरी तरह संन्यास ले लिया है.
मायावती का यह फैसला ऐसे समय में आया है जब 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले सभी पार्टियां अपनी रणनीति बना रही हैं. आकाश आनंद को इससे पहले भी पार्टी से निकाला गया था और फिर वापस लिया गया था. इस बार फिर उनके निष्कासन ने बसपा की अंदरूनी राजनीति को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं. इस पूरे मामले पर सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों की ओर से प्रतिक्रियाएं आनी शुरू हो गई हैं.
उत्तर प्रदेश Government में कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने कहा, “मैं फिर से उनसे कहूंगा कि आइए, अंबेडकर और कांशीराम के सपने अधूरे हैं, हम सब लोग मिलकर पूरे करेंगे. उनको निर्णय लेना चाहिए, क्योंकि कोई मिशनरी आदमी कभी संन्यास नहीं लेता. वो अपने उपेक्षित समाज, जो 5000 वर्षों से सताए गए लोग हैं, उनके हक-अधिकार की लड़ाई और 80 करोड़ जो अनाज पर निर्भर हैं, ऐसे लोगों को विकास की मुख्यधारा मिली है. वो आएं और निर्बलों को खड़ा करके दिखाएं.”
वहीं योगी Government में कैबिनेट मंत्री राकेश सचान ने इसे बसपा का निजी मामला बताया. उन्होंने कहा, “यह उनकी पार्टी का फैसला है. वे किसे निकालते हैं और किसे शामिल करते हैं.
भाजपा नेता नरेंद्र कश्यप ने भी इसी लाइन पर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि यह उनका अपना आंतरिक मामला है. इस पर भाजपा का कुछ कहना सही नहीं होगा. मायावती पार्टी सुप्रीमो हैं, वो जो चाहे करें.
दूसरी तरफ Samajwadi Party ने इस मुद्दे पर मायावती पर जमकर हमला बोला. सपा प्रवक्ता आशुतोष वर्मा ने कहा, “मुझे लगता है कि बहुजन समाज पार्टी का अब बहुजन समाज से कोई लेना-देना नहीं है. जिस तरह से बहुजन समाज पार्टी के भीतर लगातार आपसी कलह चल रही है—कभी आकाश आनंद को बनाए रखा जाता है, कभी हटा दिया जाता है, फिर वापस लाया जाता है, फिर हटा दिया जाता है, और ऐसी शर्तें रखी जाती हैं कि उनकी वापसी के लिए किसी खास व्यक्ति को इस्तीफा देना होगा. इससे आप समझ सकते हैं कि वह सिर्फ अपने बारे में सोच रही हैं. अब सारी की सारी आशाएं सिर्फ Samajwadi Party और अखिलेश यादव से है.”
अशोक सिद्धार्थ के संन्यास पर सपा प्रवक्ता ने कहा, “यह बहुत दुखद है. मुझे लगता है कि बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर ने जो सपना देखा था, जिसके तहत बहुजन समाज पार्टी ने उत्तर प्रदेश में चार बार Government बनाई—जिसमें एक बार पूर्ण बहुमत की Government भी शामिल थी—और बहनजी को चार बार Chief Minister बनाया, अगर आज वह एक 30 साल के व्यक्ति को लेकर इतनी चिंतित हो गई हैं कि उन्हें लगता है कि Political विरासत तभी बचेगी जब कोई व्यक्ति इस्तीफा दे, तो वो बहुजन समाज पार्टी ऐसी नहीं थी. मुझे लगता है कि दलित समुदाय और बहुजन समाज अब यह समझ गया है कि बहन मायावती सिर्फ अपने लिए राजनीति करती हैं और अब समाज के लिए बात नहीं करतीं.”
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पीआईएम/वीसी