
New Delhi, 31 अगस्त . बिहार की राजनीति में जनसंघ के जमाने से भाजपा को मजबूत करने वाले कद्दावर नेता राधामोहन सिंह का Political सफर 57 सालों से भी ज्यादा पुराना है. पूर्वी चंपारण से 6 बार सांसद और मोदी Government के पहले कार्यकाल में कृषि मंत्री रहे सिंह को संगठन का सिपाही माना जाता है.
राधामोहन सिंह का जन्म बिहार के पूर्वी चम्पारण जिले के नरहा पानापुर में 1 सितम्बर 1949 को हुआ था. सिंह ने मोतिहारी के एमएस कॉलेज से स्नातक (बीए) की शिक्षा पूरी की. अपनी युवावस्था से ही वे एक सक्रिय आरएसएस स्वयंसेवक रहे हैं. जनसंघ और भाजपा के सदस्य बनने के बाद उन्होंने Political करियर शुरू किया.
राधामोहन सिंह का विवाह शांति देवी से हुआ है और इनके परिवार में एक बेटा और एक बेटी है. अपने Political सपनों को पूरा करते हुए वे अपनी जड़ों से जुड़े रहे और खेती-किसानी का काम करते रहे.
अपने पूरे Political जीवन में राधा सिंह अपने संगठन के लिए समर्पित रहे हैं और पार्टी में अनेक प्रतिष्ठित पदों पर भी रहे हैं. संगठन के प्रति इनके समर्पण की प्रशंसा सभी करते हैं. राधामोहन सिंह गरीबों और दलितों के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध रहे हैं. वह किसानों को सशक्त बनाने में विश्वास करते हैं क्योंकि उनका मानना है कि किसानों और गांवों को सक्षम करने से ही राष्ट्र समृद्ध होगा.
2014 में Narendra Modi की Government बनने पर उन्हें केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री बनाया गया. 2019 तक उन्होंने यह जिम्मेदारी संभाली. उनके मंत्री रहते हुए कृषि क्षेत्र में कई योजनाओं की शुरुआत हुई.
राधामोहन सिंह पहली बार 9वीं Lok Sabha (1989) में सांसद चुने गए थे और वर्तमान में 18वीं Lok Sabha (2024) में सांसद हैं. 1989 में पहली बार वह मोतिहारी Lok Sabha सीट से सांसद चुने गए. उन्होंने सीपीआई की दिग्गज नेता कमला मिश्रा मधुकर को 78 हजार से ज्यादा वोटों से हराया था. राधामोहन सिंह ने बिहार की पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) Lok Sabha सीट से 1989, 1996, 1999, 2009, 2014, 2019 और 2024 के आम चुनावों में जीत दर्ज की है.
राधामोहन सिंह भाजपा की बिहार इकाई के अध्यक्ष (2006-2009), भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष (2020-2023) और उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड के प्रभारी व सह-प्रभारी भी रह चुके हैं. राधामोहन सिंह खुद कहते हैं कि उनके जीवन की सफलता का श्रेय आरएसएस को जाता है. किशोरावस्था में संघ से मिली प्रेरणा ने ही उन्हें आज इस मुकाम तक पहुंचाया है.
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