
बरेली, 1 अक्टूबर . ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन ने इंडिया ब्लॉक की बैठक में मुसलमानों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा नहीं होने को लेकर विपक्षी दलों पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि देश के करोड़ों मुसलमान उम्मीद कर रहे थे कि बैठक में उनके सामने मौजूद सामाजिक और धार्मिक मुद्दों पर चर्चा होगी, लेकिन नेताओं ने मुख्य रूप से अपने Political हितों और चुनावी मुद्दों पर बात की.
मौलाना शहाबुद्दीन ने कहा कि इंडिया ब्लॉक की बैठक में मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी और ममता बनर्जी समेत कई नेताओं ने अपनी बात रखी, लेकिन मुसलमानों से जुड़े मुद्दों को जगह नहीं मिली. उन्होंने समान नागरिक संहिता (यूसीसी), मदरसों से जुड़े फैसलों और विभिन्न स्थानों पर धार्मिक स्थलों को लेकर उठे विवादों का जिक्र करते हुए कहा कि इन विषयों पर विपक्षी गठबंधन से चर्चा की उम्मीद थी.
उन्होंने आरोप लगाया कि मुसलमानों के वोट की जरूरत तो Political दलों को है, लेकिन उनकी समस्याओं और चिंताओं पर चर्चा करने में रुचि नहीं दिखाई जाती. मुसलमानों से जुड़े मुद्दों को Political मंचों पर उठाने की जरूरत है और केवल चुनाव के समय समर्थन मांगना पर्याप्त नहीं है.
पंजाब को नशामुक्त करने को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान का मौलाना शहाबुद्दीन ने समर्थन किया. उन्होंने कहा कि नशा युवाओं के साथ-साथ पूरे परिवार को प्रभावित करता है. अगर परिवार का कोई युवा नशे की गिरफ्त में आ जाता है तो उसकी पढ़ाई, स्वास्थ्य और तरक्की प्रभावित होती है और इसका असर परिवार के दूसरे सदस्यों पर भी पड़ता है. नशे के खिलाफ अभियान केवल पंजाब तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि पूरे देश को नशामुक्त करने के लिए प्रयास होने चाहिए. मौलाना ने इस्लाम में नशे को प्रतिबंधित बताए जाने का हवाला देते हुए मुस्लिम समाज से भी नशे से दूर रहने की अपील की.
उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर मौलाना शहाबुद्दीन ने Samajwadi Party प्रमुख अखिलेश यादव पर भी सवाल उठाए. उन्होंने दावा किया कि सपा ने प्रोफेसर राम गोपाल यादव के साथ धनराज नथवानी को उम्मीदवार बनाया है और इसी को लेकर उन्होंने अखिलेश यादव से सवाल किया कि पार्टी के पास मुस्लिम नेताओं के नामों की कमी क्यों रही. उन्होंने अबू आसिम आजमी, सलीम इकबाल शेरवानी और आजम खान के परिवार का जिक्र करते हुए कहा कि सपा में मुस्लिम नेतृत्व से जुड़े कई नाम मौजूद हैं, जिन्हें राज्यसभा भेजा जा सकता था. मुस्लिम नेतृत्व को प्रतिनिधित्व नहीं मिलने से समुदाय में सवाल उठ रहे हैं.
मौलाना शहाबुद्दीन ने धनराज नथवानी के नाम को लेकर अखिलेश यादव से Gujarat लॉबी से कथित कनेक्शन और बीजेपी से संबंधों को लेकर सवाल किए. उन्होंने कहा कि सपा प्रमुख को इस पर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए.
इसके साथ ही, शहाबुद्दीन ने Prime Minister Narendra Modi से लोहिया ट्रस्ट, Samajwadi Party और अखिलेश यादव समेत सपा परिवार से जुड़े लोगों के खातों की जांच कराने की मांग भी की. उन्होंने कहा कि वित्तीय मामलों की जांच होनी चाहिए और यदि कोई अनियमितता है तो वह सामने आनी चाहिए.
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पीएसके