
कोलकाता, 3 सितंबर . पश्चिम बंगाल Police ने दक्षिण कोलकाता से चल रहे दो फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है और देशव्यापी धोखाधड़ी रैकेट में कथित तौर पर शामिल होने के आरोप में 67 लोगों को गिरफ़्तार किया है, जिनमें 41 महिलाएं भी शामिल हैं. ये गिरफ्तारियां कस्बा इलाके में राजडांगा मेन रोड पर लगातार की गई छापेमारी के बाद हुईं.
एक गुप्त सूचना के आधार पर, Police ने Wednesday (2 सितंबर) को राजडांगा मेन रोड पर एक जगह छापा मारा, जहां कई लोग एक ऑफिस जैसे सेटअप से काम कर रहे थे और देश भर में लोगों को कॉल कर रहे थे. तलाशी के दौरान, अधिकारियों ने 39 मोबाइल फोन, नौ चार्जर, नौ डायरी, दो एटीएम डेबिट कार्ड और 16,000 रुपये नकद जब्त किए.
शुरुआती जांच से पता चला कि आरोपी टेलीकॉम कंपनियों, बैंकों और इंश्योरेंस फर्मों के प्रतिनिधि बनकर लोगों को 5जी मोबाइल टावर लगाने, ज्यादा रिटर्न वाली इंश्योरेंस स्कीम, हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी और कम ब्याज वाले लोन का लालच देते थे. पीड़ितों को प्रोसेसिंग फीस और दूसरे चार्ज के नाम पर तय बैंक अकाउंट में पैसे ट्रांसफर करने के लिए मनाया जाता था. Police को शक है कि ये अकाउंट धोखाधड़ी करने वाले नेटवर्क के लिए ‘म्यूल अकाउंट’ (धोखाधड़ी के पैसे के लेन-देन के लिए इस्तेमाल होने वाले अकाउंट) के तौर पर काम करते थे.
जांचकर्ताओं का अनुमान है कि इस रैकेट ने पिछले छह महीनों में लगभग 100 बैंक अकाउंट का इस्तेमाल किया. आरोपियों ने टेलीकॉम टावर लगाने के चार्ज, लोन प्रोसेसिंग फीस और इंश्योरेंस पैकेज के नाम पर पीड़ितों से पैसे वसूले. उन पर संभावित पीड़ितों का भरोसा जीतने के लिए बैंकों, संगठनों और Governmentी एजेंसियों द्वारा जारी किए गए नकली ऑथराइजेशन लेटर का इस्तेमाल करने का भी शक है.
Police ने बताया कि छापे के दौरान मिली डायरी और लेजर में संभावित टारगेट की जानकारी के साथ-साथ लोगों को पैसे देने के लिए मनाने के लिए तैयार की गई बातचीत की स्क्रिप्ट भी थी. जांचकर्ताओं का मानना है कि यह कॉल सेंटर पहले पटुली इलाके से चलता था और करीब एक महीने पहले ही राजडांगा मेन रोड पर शिफ्ट हुआ था.
पूछताछ के दौरान, Police को उसी सड़क पर पास की एक इमारत की पहली मंजिल से चल रहे एक और ऐसे ही ऑपरेशन का पता चला. इसके बाद की गई छापेमारी में 27 और लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें 18 महिलाएं और नौ पुरुष शामिल थे. अधिकारियों ने दूसरी जगह से 32 मोबाइल फोन और चार रजिस्टर जब्त किए.
जांचकर्ताओं के अनुसार, दोनों कॉल सेंटर कथित तौर पर नयाबाद के रहने वाले संदीप बनर्जी और उनके अज्ञात साथियों द्वारा चलाए जा रहे थे. Police अब इस बड़े नेटवर्क की जांच कर रही है, जिसमें दूसरे साजिशकर्ताओं की पहचान और धोखाधड़ी के जरिए हड़पी गई कुल रकम का पता लगाना शामिल है.
सभी 67 आरोपियों पर इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है.
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एससीएच