
New Delhi, 27 सितंबर . भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन Sunday को दो दिवसीय संगठनात्मक दौरे पर कोलकाता पहुंचे. सुबह कोलकाता हवाई अड्डे पर पहुंचने के बाद प्रदेश नेतृत्व की ओर से उनका स्वागत किया गया. इस अवसर पर पार्टी के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं के साथ Chief Minister सुवेंदु अधिकारी और प्रदेश अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य भी उपस्थित रहे.
अपने दौरे की शुरुआत में नितिन नवीन ने न्यू टाउन स्थित विश्व बांग्ला कन्वेंशन सेंटर में पार्टी कार्यकर्ताओं एवं आम नागरिकों के साथ Prime Minister Narendra Modi के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 138वें एपिसोड को सुना. इस कार्यक्रम में Prime Minister ने 2016 में हुए ऐतिहासिक सर्जिकल स्ट्राइक की 10वीं वर्षगांठ के अवसर पर भारतीय सशस्त्र बलों के शौर्य और वीरता को याद किया. उन्होंने देश की सांस्कृतिक विरासत, पर्यावरण संरक्षण, युवाओं को नशे से मुक्त रखने की आवश्यकता तथा जनगणना में प्रत्येक नागरिक की भागीदारी को एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय दायित्व के रूप में रेखांकित किया. इस दौरान यह भी चर्चा हुई कि ‘मन की बात’ किस प्रकार आम नागरिकों के सामूहिक प्रयासों और सकारात्मक सामाजिक बदलावों को सामने लाने का कार्य कर रहा है.
इसके बाद प्रदेश पदाधिकारियों, विभागीय संयोजकों, मोर्चा अध्यक्षों, सांसदों, जिला प्रभारियों, जिला अध्यक्षों तथा विभिन्न प्रकोष्ठों के प्रमुखों की उपस्थिति में एक मेगा संगठनात्मक बैठक आयोजित की गई. नितिन नवीन ने कहा कि Prime Minister Narendra Modi के 25 वर्षों के सफल नेतृत्व से प्रेरणा लेते हुए पार्टी ‘सेवा संकल्प अभियान’ के माध्यम से जनता की सेवा के अपने संकल्प को और मजबूत कर रही है. उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता ‘सोनार बांग्ला’ के गौरव को पुनः स्थापित करने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं.
दोपहर में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने विश्व बांग्ला कन्वेंशन सेंटर में पश्चिम बंगाल Government के मंत्रिपरिषद के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की.
दिनभर चली विभिन्न संगठनात्मक एवं Governmentी स्तर की बैठकों के बाद प्रदेश अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने मीडिया को संबोधित किया और बैठकों में हुई प्रमुख चर्चाओं की जानकारी दी.
शमिक भट्टाचार्य ने कहा कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन दो दिवसीय दौरे पर पश्चिम बंगाल आए हैं. इस दौरे का उद्देश्य सभी प्रदेश पदाधिकारियों, सांसदों, विधायकों और मंत्रियों के साथ समन्वय एवं विचार-विमर्श करना है. लंबे संघर्ष के बाद भारतीय जनता पार्टी पश्चिम बंगाल में Government बनाने में सफल हुई है.
1952 के Lok Sabha चुनाव में भारतीय जनसंघ ने पश्चिम बंगाल से दो सीटों पर जीत हासिल की थी, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने कलकत्ता दक्षिण-पूर्व और दुर्गाचरण बनर्जी ने झाड़ग्राम से जीत दर्ज की थी, जबकि पूरे देश में पार्टी ने कुल तीन सीटों पर विजय प्राप्त की थी. इसी समय पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में पार्टी के नौ विधायक निर्वाचित हुए थे.
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की रहस्यमय मृत्यु के बाद राज्य की तत्कालीन कांग्रेस Government ने सांसदों और विधायकों को इस संबंध में कोई कार्यक्रम आयोजित करने से परहेज करने की सलाह दी थी.
पश्चिम बंगाल में वाम मोर्चा शासन के दौरान भाजपा के अनेक कार्यकर्ताओं की हत्या हुई, और तृणमूल कांग्रेस Government के कार्यकाल में यह संख्या 334 तक पहुंच गई है. पार्टी की कई महिला कार्यकर्ताओं के साथ दुष्कर्म और गंभीर अत्याचार हुए हैं. इन्हीं बलिदानों के आधार पर आज पश्चिम बंगाल में भाजपा Government स्थापित करने में सफल हुई है.
बैठक में मुख्य रूप से संकल्प पत्र के माध्यम से घोषित जनकल्याणकारी योजनाओं, पार्टी की उपलब्धियों तथा शेष कार्यों को पूरा करने के लिए आवश्यक कदमों पर चर्चा हुई. यह चर्चा Chief Minister , संबंधित व्यक्तियों तथा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की उपस्थिति में हुई.
नितिन नवीन ने स्पष्ट रूप से बताया कि मंत्रियों को अपनी-अपनी भूमिका किस प्रकार निभानी चाहिए और पार्टी को मंत्रिपरिषद के कामकाज में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए. उन्होंने देश के विभिन्न राज्यों में Prime Minister Narendra Modi द्वारा अपनाई गई प्रशासनिक कार्यप्रणाली और परंपराओं का भी उल्लेख किया.
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पश्चिम बंगाल Government को भी उसी प्रकार कार्य करना चाहिए, जिस प्रकार विभिन्न राज्यों में भाजपा Governmentें अपनी संस्कृति और परंपराओं के अनुरूप कार्य कर रही हैं तथा जिस व्यवस्था को हमारे Prime Minister और विश्व के सबसे प्रमुख Political व्यक्तित्वों में से एक नरेंद्र दामोदरदास मोदी के नेतृत्व में स्थापित किया गया है. Government और पार्टी के बीच उचित समन्वय बना रहना चाहिए.
उन्होंने कहा कि किसी भी पार्टी कार्यकर्ता को किसी भी परिस्थिति में Governmentी कामकाज में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए. किसी मंत्री के लिए अनावश्यक असुविधा या दबाव की स्थिति उत्पन्न नहीं की जानी चाहिए. साथ ही, Government और मंत्रियों के कामकाज तथा उनकी दिशा के बारे में पार्टी को जानकारी उपलब्ध रहनी चाहिए. बैठक में इस समन्वय पर विस्तार से चर्चा हुई. हमने अपने घोषणापत्र में किए गए वादों, उनमें से कितने पूरे किए जा चुके हैं और शेष वादों को कितने समय में पूरा किया जाएगा, इस पर भी चर्चा की. Government के कामकाज, विकास, पश्चिम बंगाल की कानून-व्यवस्था की स्थिति तथा सीमा सुरक्षा को लेकर पूरे देश में पश्चिम बंगाल के संबंध में व्यक्त की जा रही चिंताओं पर भी चर्चा हुई.
पश्चिम बंगाल में हो रहे जनसांख्यिकीय बदलाव पर भी चर्चा हुई. हमने बीएसएफ के साथ अपने सहयोग की स्थिति की समीक्षा की और भूमि अधिग्रहण से संबंधित कारणों से रुकी हुई रेलवे तथा अन्य Governmentी परियोजनाओं पर भी चर्चा की.
नितिन नवीन ने निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए एक स्पष्ट रोडमैप प्रस्तुत किया है. इसी प्रकार की एक समीक्षा बैठक छह महीने बाद फिर आयोजित की जाएगी.
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एमएस/