बंगाल: तृणमूल कार्यालय में तोड़फोड़ के बाद दिलीप घोष का अनुव्रत मंडल पर तंज, बोले- बीरभूम का टाइगर अब बिल्ली बन गया

कोलकाता, 1 अक्टूबर . पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में तृणमूल कांग्रेस के बाहुबली नेता अनुव्रत मंडल की मौजूदगी में पार्टी कार्यालय में तोड़फोड़ की घटना के एक दिन बाद पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री दिलीप घोष ने उन पर तंज कसा है. उन्होंने कहा कि ‘बीरभूम का टाइगर अब बिल्ली बन गया है.’ उनके इस बयान को विधानसभा चुनाव के बाद मंडल के Political प्रभाव में आई कथित कमी से जोड़कर देखा जा रहा है.

मीडिया से बातचीत में दिलीप घोष ने कहा, “राजनीति ऐसी ही होती है. कभी कोई ऊपर होता है तो कभी नीचे. अगर किसी को सत्ता मिलती है तो उसे उसका सही इस्तेमाल करना चाहिए. तृणमूल कांग्रेस के दौर में सत्ता का दुरुपयोग किया गया. लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी. उन्हें अपने गलत कामों का परिणाम भुगतना पड़ेगा.” हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि हिंसा के जरिए किसी से बदला नहीं लिया जा सकता.

बता दें कि Wednesday रात अनुव्रत मंडल बीरभूम जिले के सूरी स्थित तृणमूल कांग्रेस कार्यालय पहुंचे थे. इसी दौरान तीन युवकों ने मोटी लकड़ियों और डंडों से पार्टी कार्यालय में तोड़फोड़ शुरू कर दी. उस समय मंडल कार्यालय के अंदर अपनी कुर्सी पर बैठे हुए थे. युवकों ने कार्यालय में सामान को नुकसान पहुंचाया और उन्हें उनके पुराने कथित अत्याचारों को लेकर धमकी भी दी.

युवकों ने दावा किया कि उनका किसी Political दल से संबंध नहीं है. हालांकि, Police द्वारा उन्हें वहां से ले जाते समय उन्होंने ‘जय श्री राम’ के नारे लगाए.

घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए दिलीप घोष ने कहा, “‘जय श्री राम’ भाजपा का नारा नहीं है. India में हर व्यक्ति ‘जय श्री राम’ कह सकता है. प्रशासन बता सकता है कि यह घटना किसने की. मुझे नहीं लगता कि ‘केष्टो’ (अनुव्रत मंडल) को कोई गंभीर चोट लगी है. लेकिन यह सच है कि जो कभी ‘बीरभूम का टाइगर’ था, वह अब बिल्ली बन गया है.” हालांकि, Wednesday की घटना में अनुव्रत मंडल को कोई गंभीर चोट नहीं आई, लेकिन उनके चेहरे पर मामूली चोट लगने की जानकारी सामने आई है.

घटना की सूचना मिलते ही Police ने तीनों युवकों को गिरफ्तार कर लिया था. बाद में Thursday सुबह उन्हें रिहा कर दिया गया. Police के अनुसार, मंडल की ओर से इस मामले में कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई थी.

तृणमूल कार्यालय में तोड़फोड़ का जिक्र करते हुए दिलीप घोष ने अपने पुराने अनुभव भी साझा किए. उन्होंने कहा, “मैं 10 साल तक बीरभूम में कोई सभा नहीं कर सका. Police अनुमति नहीं देती थी. एक बार गलती से अनुमति मिल गई. उस समय दूसरी जगह से पानी लाकर सभा स्थल पर डाल दिया गया था.”

उन्होंने कहा कि हालिया विधानसभा चुनाव के बाद भाजपा राज्य में सत्ता में आई है और बीरभूम में पार्टी को सबसे अधिक वोट मिले हैं. उन्होंने कहा कि लोग सब कुछ रातों-रात नहीं भूलेंगे, लेकिन राज्य में शांति बनाए रखना और बंगाल का विकास करना जरूरी है.

बता दें कि विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने के बाद पहली बार अनुव्रत मंडल Wednesday को सूरी स्थित तृणमूल कांग्रेस कार्यालय पहुंचे थे. वह सूरी पुराने बस स्टैंड के पास स्थित पार्टी कार्यालय में स्थानीय नेतृत्व से बातचीत करने और वहां की स्थिति का जायजा लेने गए थे.

इसी दौरान कुछ युवकों ने पार्टी कार्यालय में तोड़फोड़ की घटना को अंजाम दिया.

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