
कोलकाता, 9 सितंबर . पश्चिम बंगाल के गवर्नर आर.एन. रवि ने कोलकाता की जादवपुर यूनिवर्सिटी के लिए नए कार्यवाहक रजिस्ट्रार और फाइनेंस ऑफिसर की नियुक्ति की है.
इसको लेकर राज्य Government के अधिकारियों ने Wednesday को बताया कि पता चला है कि देबाजीत दत्ता जादवपुर यूनिवर्सिटी में एक्टिंग रजिस्ट्रार और इंद्रजीत बनर्जी फाइनेंस ऑफिसर के तौर पर शामिल होने जा रहे हैं.
8 सितंबर को जादवपुर यूनिवर्सिटी के वाइस-चांसलर चिरंजीब भट्टाचार्य को लिखे एक पत्र में पश्चिम बंगाल हायर एजुकेशन डिपार्टमेंट ने कहा, “मुझे आपको यह बताने का निर्देश दिया गया है कि जादवपुर यूनिवर्सिटी के चांसलर ने जादवपुर यूनिवर्सिटी के हिस्ट्री डिपार्टमेंट के एसोसिएट प्रोफेसर देबाजीत दत्ता को यूनिवर्सिटी का रजिस्ट्रार और जादवपुर यूनिवर्सिटी में फैकल्टी ऑफ आर्ट्स के सेक्रेटरी इंद्रजीत बनर्जी को यूनिवर्सिटी का फाइनेंस ऑफिसर नियुक्त किया है. यह नियुक्ति छह महीने के लिए अस्थायी तौर पर की गई है, जो उनके सामान्य कामों के अलावा होगी और यह नियुक्ति उनके जॉइन करने की तारीख से या अगले आदेश तक, जो भी पहले हो, लागू होगी.”
पत्र में यह भी कहा गया, “जादवपुर यूनिवर्सिटी के लिए परमानेंट रजिस्ट्रार और परमानेंट फाइनेंस ऑफिसर की नियुक्ति की कानूनी प्रक्रिया तुरंत शुरू की जा सकती है.”
पिछले कुछ दिनों में जादवपुर यूनिवर्सिटी में नए रजिस्ट्रार की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू हुई. 4 सितंबर को हुई वर्किंग कमेटी की बैठक में परमानेंट रजिस्ट्रार और फाइनेंस ऑफिसर की नियुक्ति पर चर्चा हुई थी.
प्रशासन के इन दो अहम पदों पर परमानेंट अधिकारियों की नियुक्ति के लिए बनी अपॉइंटमेंट कमेटी में वर्किंग कमेटी के प्रतिनिधियों के तौर पर दो लोगों को नॉमिनेट किया गया है. हालांकि, अभी तक कोई परमानेंट नियुक्ति नहीं की गई है.
अप्रैल 2025 में एक्टिंग रजिस्ट्रार के तौर पर सेलिम बॉक्स मंडल और अस्थायी फाइनेंस ऑफिसर के तौर पर शिलादित्य चटर्जी का कार्यकाल दूसरी बार बढ़ाया गया था. वहीं, शिक्षकों के एक वर्ग ने इस कार्यकाल विस्तार का विरोध किया था.
आरोप यह था कि उन्हें गैर-कानूनी समय तक उनके पदों पर बनाए रखा जा रहा था. इस मामले पर पश्चिम बंगाल में मुख्य रूप से सक्रिय वामपंथी झुकाव वाले शिक्षक संघ, ‘ऑल बंगाल यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन’ (एबीयूटीए) के महासचिव गौतम माइती ने कहा, “हमने गवर्नर (आरएन रवि), जो यूनिवर्सिटी के चांसलर भी हैं, ने Chief Minister और उच्च शिक्षा मंत्री से शिकायत की थी कि यह नियुक्ति गैर-कानूनी है. इस तरह किसी का कार्यकाल छह महीने से ज्यादा नहीं बढ़ाया जा सकता. इसके अलावा, उस वर्किंग कमेटी की बैठक की वैधता पर भी सवाल हैं, जिसमें कार्यकाल बढ़ाने का फैसला लिया गया था. यह काम गैर-कानूनी तरीके से किया जा रहा था.”
इससे पहले, पूर्व अंतरिम वाइस-चांसलर बुद्धदेव साव ने इन दो अधिकारियों का कार्यकाल बढ़ाने पर आपत्ति जताई थी. यह घटनाक्रम कोलकाता में जाधवपुर यूनिवर्सिटी कैंपस के अंदर और बाहर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एवीबीपी) और स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) के सदस्यों के बीच झड़प के कुछ हफ्तों बाद हुआ है.
Chief Minister ने कहा था कि हॉस्टल परिसर में देश-विरोधी नारे लगाए गए और दीवारों पर आपत्तिजनक बातें लिखी पाई गईं, जिसके बाद एक जांच समिति बनाई गई. बाद में दीवारों पर लिखी उन आपत्तिजनक बातों को हटा दिया गया.
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डीके/पीएम