बंगाल: अन्नपूर्णा योजना के लाभार्थियों ने पीएम मोदी को ‘बर्थडे गिफ्ट’ के तौर पर पौधा लगाया

कोलकाता, 16 सितंबर . Prime Minister Narendra Modi का 76वां जन्मदिन मनाने के लिए देशव्यापी अभियान से पहले, विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थी भी Prime Minister को बधाई देने और उन्हें अपने-अपने तरीके से तोहफे देने के लिए आगे आ रहे हैं.

बंगाल के पुरुलिया जिले में अन्नपूर्णा योजना के लाभार्थी ममता महतो और लेनिन महतो ने अपने खेत में पैधारोपण किया. उन्होंने यह काम जश्न मनाने और पीएम मोदी को ‘जन्मदिन का तोहफा’ देने के तौर पर किया.

पुरुलिया जिले के अमलाटोरा गांव के रहने वाले इन लोगों ने बताया कि उन्होंने पीएम मोदी की ‘एक पेड़ मां के नाम’ मुहिम से प्रेरित होकर धरती मां के नाम पर पेड़ लगाए. उन्होंने कहा कि साफ-सुथरे और हरे-भरे पर्यावरण के लिए Prime Minister के संदेश को आगे बढ़ाने का यह उनका अपना तरीका था.

खास बात यह है कि ‘एक पेड़ मां के नाम’ पहल Prime Minister मोदी ने 2025 में शुरू की थी. इसका मकसद प्रकृति की सेवा करना था, जो जीवन को बनाए रखने और सहारा देने के लिए जिम्मेदार है.

ममता और लेनिन, जो दोनों ही अन्नपूर्णा योजना के लाभार्थी हैं, अपने आस-पास के इलाके को हरा-भरा बनाने की कोशिश कर रहे हैं और गांव को साफ-सुथरा रखने के लिए ग्रामीणों में जागरूकता फैला रहे हैं. वे स्कूली बच्चों को भी साफ-सुथरे पर्यावरण के महत्व के बारे में जानकारी दे रहे हैं.

ममता महतो ने से कहा, “17 सितंबर को हमारे देश के Prime Minister Narendra Modi का जन्मदिन है. इस अवसर पर Prime Minister मोदी के संदेश ‘एक पेड़ मां के नाम’ का सम्मान करते हुए, हमने अपनी मां के नाम पर एक पेड़ लगाया है. यह पेड़ लगाकर हम उन्हें जन्मदिन का तोहफा दे रहे हैं.”

लेनिन महतो ने को बताया कि मैंने और मेरी पत्नी ने अपने गांव को हरा-भरा और साफ-सुथरा बनाने के लिए पेड़ लगाने की पहल की है. 17 सितंबर को पीएम मोदी का जन्मदिन है, इसलिए पेड़ लगाकर हमने उन्हें एक छोटा सा संदेश दिया कि सफाई के साथ-साथ हम अपने इलाके और गांव को भी हरियाली से भर देंगे.

उन्होंने यह भी कहा कि इस बारिश के मौसम में हम ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाने और उनकी देखभाल करने की योजना बना रहे हैं. हमारे लिए, पेड़ लगाना सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं है. यह हमारी आने वाली पीढ़ियों के लिए एक छोटी सी जिम्मेदारी है. अगर प्रकृति बचेगी, तो हम भी बचेंगे.

इस बीच, अलग-अलग कल्याणकारी योजनाओं के लाखों लाभार्थी ‘आशीर्वाद का दीया’ नाम के कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे और Prime Minister के प्रति आभार जताने के लिए 17 सितंबर को अपने घरों में ठीक वैसे ही दीया जलाएंगे, जैसे दिवाली पर जलाया जाता है.

पीएसके

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