फारूक अब्दुल्ला के कश्मीर वाले बयान पर भड़के एनडीए नेता, कहा- ऐसी राजनीति अब स्वीकार्य नहीं

New Delhi, 25 अक्टूबर . नेशनल कॉन्फ्रेंस अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला के जम्मू-कश्मीर को लेकर दिए गए बयान पर कई एनडीए नेताओं ने Sunday को पलटवार किया.
एनडीए नेताओं ने आतंकवाद के खिलाफ केंद्र की कार्रवाई, अनुच्छेद 370 हटाने और Pakistan को लेकर India के रुख का हवाला दिया.
पश्चिम बंगाल Government के मंत्री दिलीप घोष ने कहा कि जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा स्थिति में बड़ा बदलाव आया है और वहां के लोग आतंकवाद नहीं बल्कि विकास चाहते हैं.
उन्होंने कहा, “जम्मू-कश्मीर में कोई आतंकवादी नहीं बचा है. यह आतंकवाद से मुक्त हो गया है. वहां के लोग आतंकवाद नहीं चाहते हैं. वहां विकास हो रहा है और केंद्र Government इसे देश के बाकी हिस्सों के साथ एकीकृत करके विकसित करने का काम कर रही है. वहां के लोग भी खुश हैं. वहां के नेता केवल क्षेत्र को अलग रखकर राजनीति करना जानते हैं, लेकिन इस तरह की राजनीति अब नहीं चलेगी.”
फारूक अब्दुल्ला पर निशाना साधते हुए दिलीप घोष ने कहा, “वह Pakistan से हाथ मिलाते हैं. फारूक अब्दुल्ला की राजनीति अब तक इसी तरह चलती रही है. यह अब स्वीकार्य नहीं होगा. केवल भाजपा ही प्रगति और जनआकांक्षाओं को पूरा कर सकती है.”
उत्तर प्रदेश Government के मंत्री ओपी राजभर ने भी अब्दुल्ला के बयान की आलोचना की और केंद्र Government द्वारा आतंकवादी गतिविधियों पर अंकुश लगाने और जम्मू-कश्मीर में शांति बहाल करने के लिए उठाए गए कदमों का जिक्र किया.
उन्होंने कहा, “फारूक अब्दुल्ला शायद नहीं जानते कि Prime Minister Narendra Modi के नेतृत्व में देश में आतंकवादी गतिविधियों पर बड़े पैमाने पर अंकुश लगाया गया है. कश्मीर के मामले में आपने देखा कि अनुच्छेद 370 को हटा दिया गया. वहां जो हिंसा और खून-खराबा होता था, उसे भी काफी हद तक रोक दिया गया है.”
उन्होंने कहा, “आज स्थिति ऐसी है कि जब भी देश के Prime Minister किसी दूसरे देश की यात्रा पर जाते हैं तो वे कहते हैं कि हम भगवान बुद्ध की धरती से आए हैं और शांति का संदेश लेकर आए हैं. हम लड़ाई-झगड़े के पक्ष में नहीं हैं, बल्कि दोस्ती और प्यार से रहना चाहते हैं. Prime Minister हमेशा यही संदेश देते हैं.”
बता दें कि पूर्व Chief Minister फारूक अब्दुल्ला ने Saturday को उत्तर कश्मीर के बारामूला में एक पार्टी सम्मेलन में बोलते हुए कश्मीर पर केंद्र की चुप्पी पर सवाल उठाया था. उन्होंने कहा था कि Pakistan द्वारा इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जीवित रखने के प्रयास क्षेत्र के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण हो सकते हैं और New Delhi पर सवाल उठाया था.
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वीकेयू/एएस


