ओडिशा में 2.60 करोड़ के घोटाले में वन विभाग का अधिकारी गिरफ्तार

भुवनेश्वर, 25 अक्टूबर . भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए Odisha विजिलेंस ने Sunday को राज्य वन विभाग के सीनियर क्लर्क को 2.60 करोड़ रुपए से अधिक की Governmentी धनराशि के गबन के आरोप में गिरफ्तार किया.
आरोपी की पहचान बबलू सुना के रूप में हुई है, जो सुनाबेड़ा वन्यजीव प्रभाग, नुआपाड़ा के मंडल वन अधिकारी (डीएफओ) कार्यालय में स्थापना अनुभाग के प्रभारी वरिष्ठ सहायक के रूप में तैनात था.
आरोप है कि उसने 2023 से संशोधित सुनिश्चित करियर प्रगति (एमएसीपी) और संशोधित सुनिश्चित करियर प्रगति (आरएसीपी) योजनाओं के तहत फर्जी बिल बनाकर 2.60 करोड़ रुपए से अधिक की Governmentी धनराशि का गबन किया.
Odisha विजिलेंस के अनुसार, विस्तृत सत्यापन और जांच में पता चला कि बबलू सुना ने एमएसीपी और आरएसीपी योजनाओं के तहत फर्जी एरियर बिल बनाकर Governmentी धन का दुरुपयोग किया.
विजिलेंस ने Sunday को एक बयान में कहा, “सुनाबेड़ा वन्यजीव प्रभाग के पूर्व, सेवानिवृत्त और मृत कर्मचारियों की साख और पहचान का उपयोग करके फर्जी बिलों को संसाधित किया गया ताकि सार्वजनिक धन को उसके परिवार के सदस्यों (पत्नी, भाई, बहन और दो करीबी सहयोगियों) के निजी बैंक खातों में भेजा जा सके.”
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने कथित तौर पर अपने वैध अधिकार से अधिक समय-समय पर वेतन वृद्धि हासिल करने के लिए आधिकारिक रिकॉर्ड में हेरफेर किया. उसने लंबी अवधि तक अतिरिक्त मासिक वेतन बिल भी बनाए, जिससे गलत तरीके से 10.58 लाख रुपए से अधिक की निकासी की गई. कथित तौर पर गबन की गई कुल राशि 2,60,21,306 रुपए आंकी गई है.
इस संबंध में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत आरोपी के खिलाफ कोरापुट विजिलेंस Police स्टेशन में दो मामले दर्ज किए गए हैं.
आरोपी पिछले छह महीनों से कथित तौर पर फरार था. उसे Odisha विजिलेंस ने Saturday रात बलांगीर में उसके ठिकाने से पकड़ा.
18 अक्टूबर को विजिलेंस ने ढेंकानाल जिले में वन विभाग के एक सीनियर क्लर्क और उसके दो सहयोगियों को 2016 से 2026 की अवधि में 65,90,773 रुपए की Governmentी धनराशि के गबन के आरोप में गिरफ्तार किया था.
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वीकेयू/एबीएम


