
फर्रुखाबाद, 18 सितंबर . उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद में Friday को गणेश महोत्सव की धूम रही. शहर के अलग-अलग इलाकों में गाजे-बाजे के साथ भगवान गणेश की शोभायात्राएं निकाली गईं. शहर के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों से भी श्रद्धालु गणेशजी की प्रतिमाएं लेकर पांचाल घाट पहुंचे, जहां विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया.
शहर के विभिन्न इलाकों में गणेश महोत्सव के तहत पंडाल सजाकर भगवान गणेश की प्रतिमाएं स्थापित की गई थीं. Friday को मोहल्ला नितगंजा में स्थापित गणेश प्रतिमा को ट्रैक्टर-ट्रॉली पर बनाए गए रथ पर विराजमान कर शोभायात्रा निकाली गई. इसके बाद मोहल्ला कटरा में स्थापित गणेशजी की प्रतिमा की भी शोभायात्रा निकाली गई.
इस दौरान मटकी फोड़ कार्यक्रम भी आयोजित किया गया. करीब 10 फीट की ऊंचाई पर मटकी लटकाई गई, जिसे युवाओं की टोली ने फोड़ी. शोभायात्रा में काली अखाड़े के कलाकारों ने भी करतब दिखाए.
यात्रा में सबसे आगे डीजे चल रहा था, जिसकी धुन पर युवा नृत्य करते नजर आए. इसके पीछे काली अखाड़ा और बैंड-बाजा चल रहा था, जबकि ट्रैक्टर-ट्रॉली पर भगवान गणेश की प्रतिमा विराजमान थी. रास्ते में श्रद्धालुओं को प्रसाद भी वितरित किया गया.
शोभायात्रा में 200 से अधिक लोग शामिल हुए. रास्ते में कई जगह पुष्प वर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया गया. यात्रा शाम करीब पांच बजे पांचाल घाट पहुंची.
बजरिया में स्थापित गणेश प्रतिमा का भी Friday को विसर्जन किया गया. भगवान गणेश की प्रतिमा को ई-रिक्शा पर विराजमान कर ढोल-नगाड़ों के साथ शोभायात्रा निकाली गई.
तलैया फजल में स्थापित गणेश प्रतिमा का भी विसर्जन किया गया. श्रद्धालु प्रतिमा को लेकर ढोल-नगाड़ों के साथ पांचाल घाट पहुंचे. रेलवे स्टेशन के पास और मोहल्ला छत्ता दलपत राय में स्थापित गणेश जी की प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया.
शोभायात्राओं के दौरान श्रद्धालु अबीर-गुलाल उड़ाते और नृत्य करते नजर आए. जगह-जगह प्रसाद भी वितरित किया गया.
पांचाल घाट स्थित गंगा तट पर प्रशासन ने प्रतिमाओं के भू-विसर्जन के लिए जेसीबी की मदद से गड्ढे खुदवाए. घाट पर पहुंची प्रतिमाओं की पूजा-अर्चना के बाद उनका भू-विसर्जन किया गया. इस दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान गणेशजी के जयकारे लगाए.
सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पांचाल घाट पर Police और प्रशासन के अधिकारी एवं कर्मचारी तैनात रहे. प्रशासन के अनुसार, Friday दोपहर 3:30 बजे तक गणेशजी की आठ प्रतिमाएं विसर्जित की जा चुकी थीं.
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एएमटी/डीकेपी