
New Delhi, 18 सितंबर . कांग्रेस नेता उदित राज ने नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव को लेकर भाजपा और चुनावी प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं. उन्होंने टीएमसी उम्मीदवार के नामांकन वापसी और कांग्रेस उम्मीदवार की गिरफ्तारी को जोड़ते हुए इसे अलोकतांत्रिक करार दिया, साथ ही भाजपा पर सहयोगी दलों को खत्म करने की रणनीति का आरोप लगाया.
नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव पर कांग्रेस नेता उदित राज ने कहा, “हमारी पार्टी के जनरल सेक्रेटरी, वेणुगोपाल ने लिखा है कि जिस तरह से टीएमसी का चुनाव चिन्ह जब्त किया गया, वह बहुत ही अलोकतांत्रिक है. और यह ‘लिफाफा’ वाला मामला क्या है? नंदीग्राम की तरह ही, टीएमसी के उम्मीदवार पर दबाव, लालच या डर का इस्तेमाल किया गया होगा, जिससे वे पीछे हट गए. इससे पता चलता है कि देश में लोकतंत्र खत्म हो गया है.”
नंदीग्राम उपचुनाव में कांग्रेस के उम्मीदवार मिलन प्रधान की गिरफ्तारी पर उन्होंने कहा कि इस घटना से यह बात पुष्ट हो जाती है कि टीएमसी उम्मीदवार पीछे हट गए. इसका मतलब है कि जो पीछे नहीं हटा, उसे गिरफ्तार कर लिया गया. अगर कांग्रेस उम्मीदवार भी बाहर बैठने या चुनाव लड़ने से मना कर देता, तो उसे गिरफ्तार नहीं किया जाता. इसलिए, टीएमसी उम्मीदवार को जरूर डराया, धमकाया या रिश्वत दी गई होगी. यह पूरी तरह से अलोकतांत्रिक है.
उन्होंने आगे कहा कि भाजपा भी एक समय में क्षेत्रीय पार्टी थी. अगर कांग्रेस ऐसा करती तो भाजपा कभी अस्तित्व में नहीं आती. भाजपा ने शिवसेना से समझौता किया. शिवसेना और जनता दल यूनाइटेड बड़ी पार्टी थी और भाजपा छोटी थी. अब भाजपा बड़ी हो गई, शिवसेना खत्म हो गई. ऐसा उदाहरण कांग्रेस में नहीं है. उन्होंने अकाली दल और बीजद के साथ भी यही किया.
कांग्रेस नेता ने कहा कि भाजपा जिसके साथ गई, उनकी बड़ी पार्टी को खत्म करके छोटा बना दिया और कांग्रेस जिसके साथ भी गई, चाहे राजद, सपा या कोई दूसरा दल हो, हमेशा छोटी ही रही.
उदित राज ने कहा कि पंजाब की हालात बहुत खराब हैं. कानून नाम की कोई चीज नहीं है. पंजाब की Government दिल्ली वाले चला रहे हैं. राज्य नशे में डूबा हुआ है और कानून व्यवस्था की हालत दयनीय है.
–
केके/एमएस