
Mumbai , 18 सितंबर . Maharashtra के Chief Minister देवेंद्र फडणवीस ने Friday को Lok Sabha में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला. उन्होंने राहुल गांधी की सोच को “अराजक” बताते हुए आरोप लगाया कि वह लगातार चुनावी हार को छिपाने के लिए संवैधानिक संस्थाओं पर जनता का भरोसा कम करने की कोशिश कर रहे हैं.
Mumbai में एक कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए फडणवीस ने शिवसेना, एनसीपी और तृणमूल कांग्रेस जैसी क्षेत्रीय पार्टियों के नाम और चुनाव चिह्न को लेकर राहुल गांधी की हालिया आलोचनाओं को खारिज किया.
फडणवीस ने कहा, “राहुल गांधी यह स्वीकार करने को तैयार नहीं हैं कि India के लोगों ने उनके नेतृत्व को नकार दिया है. उनकी समस्या बहुत सीधी है. चोट माथे पर लगी है, लेकिन वह पट्टी घुटने पर बांध रहे हैं. जिस दिन उन्हें यह समझ में आ जाएगा कि India के नागरिक वास्तव में क्या चाहते हैं और वे Prime Minister Narendra Modi के साथ मजबूती से क्यों खड़े हैं, उस दिन शायद उनकी चुनावी हार का सिलसिला समाप्त हो जाए.”
Chief Minister ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने वाला एक खतरनाक नैरेटिव आगे बढ़ा रहे हैं.
उन्होंने कहा, “वह भारतीय संविधान द्वारा बनाई गई संस्थाओं को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि लोगों का उन पर से भरोसा उठ जाए. जब इन संस्थाओं पर जनता का विश्वास टूटता है तो लोकतंत्र पर भरोसा भी टूटता है और आखिर में संविधान पर से भी विश्वास खत्म होने लगता है.”
फडणवीस की यह टिप्पणी राहुल गांधी की ओर से social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर चुनाव आयोग की आलोचना किए जाने के बाद आई है. राहुल गांधी ने तृणमूल कांग्रेस के नाम और चुनाव चिह्न को फ्रीज करने के चुनाव आयोग के आदेश का जिक्र करते हुए उस पर जनादेश को पलटने वाली ताकतों की मदद करने का आरोप लगाया था.
राहुल गांधी ने कहा, “पहले शिवसेना, फिर एनसीपी और अब तृणमूल कांग्रेस. हर बार एक ही पैटर्न है. भाजपा और चुनाव आयोग मिलकर एक पार्टी को तोड़ते हैं और फिर उसका चुनाव चिह्न छीन लेते हैं. जब पूरी पार्टी चुराई जा सकती है तो इसमें कोई हैरानी नहीं कि करोड़ों भारतीयों के वोट भी चुराए जा सकते हैं. वोट चोरी, Government चोरी और अब पार्टी चोरी, ये हमारे लोकतांत्रिक पतन के प्रतीक बन गए हैं.”
उन्होंने कहा, “चुनाव आयोग की संवैधानिक जिम्मेदारी जनादेश की रक्षा करना है, लेकिन इसके बजाय वह उन्हीं ताकतों की मदद कर रहा है, जो जनता के फैसले को पलटती हैं. यह लड़ाई केवल ममता बनर्जी की नहीं है. यह हर उस Political दल और हर उस मतदाता की लड़ाई है, जो स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव चाहता है.”
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एएमटी/वीसी