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Thursday, 29 October 2026
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प्रवासी मलयालियों के लिए नए विकल्प की तैयारी, केरल सरकार ने खत्म की लोक केरल सभा

प्रवासी मलयालियों के लिए नए विकल्प की तैयारी, केरल Government ने खत्म की लोक केरल सभा

तिरुवनंतपुरम, 29 अक्टूबर . दुनिया भर में रहने और काम करने वाले लाखों प्रवासी मलयालियों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के लिए बनाई गई लोक केरल सभा को समाप्त करने के फैसले के बाद अब केरल Government एक नई व्यवस्था तैयार करने में जुटी है. Chief Minister वीडी सतीशन ने Thursday को विधानसभा में इस कदम का बचाव करते हुए कहा कि पुराना मंच अपने उद्देश्य को पूरा करने में सफल नहीं रहा और इसकी जगह अधिक प्रभावी व्यवस्था लाई जाएगी.

विधानसभा में प्रवासी कल्याण योजनाओं में देरी और लोक केरल सभा को समाप्त किए जाने से जुड़े स्थगन प्रस्ताव पर जवाब देते हुए Chief Minister ने कहा कि Government ऐसी नई प्रणाली पर विचार कर रही है, जिसके जरिए प्रवासी भारतीय अपनी समस्याएं Government तक पहुंचा सकें, राज्य के विकास में योगदान दे सकें और अपने निवेश को उत्पादक क्षेत्रों में लगा सकें.

Government ने प्रवासी समुदाय और उनके संगठनों के साथ नियमित संवाद बनाए रखने के लिए ग्लोबल नोरका कोऑर्डिनेशन काउंसिल बनाने का प्रस्ताव रखा है.

Chief Minister की अध्यक्षता में एक समिति इस बात पर विचार कर रही है कि प्रवासी मलयालियों के लिए कौन-सी संस्थागत व्यवस्था सबसे उपयुक्त होगी.

लोक केरल सभा की शुरुआत वर्ष 2018 में तत्कालीन पिनाराई विजयन Government ने की थी. इसका उद्देश्य दुनिया भर में बसे मलयाली समुदाय के प्रतिनिधियों और जनप्रतिनिधियों को एक मंच पर लाना था, ताकि प्रवास, निवेश, कल्याण और अनिवासी केरलवासियों से जुड़े अन्य मुद्दों पर चर्चा हो सके.

उस समय विपक्ष में रही कांग्रेस नीत यूडीएफ ने इस मंच की बैठकों का बहिष्कार किया था. यूडीएफ का आरोप था कि इस पर अनावश्यक खर्च किया जा रहा है और इसकी सिफारिशों को लागू नहीं किया जाता. अब राज्य Government ने इस मंच को मौजूदा स्वरूप में समाप्त करने का फैसला किया है.

Political जानकारों का मानना है कि नई Government के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह साबित करने की होगी कि प्रस्तावित नई व्यवस्था वास्तव में प्रवासियों को ठोस लाभ पहुंचा सकती है, न कि केवल एक पुराने मंच की जगह नया मंच बनकर रह जाए.

विधानसभा में हुई चर्चा के दौरान प्रवासी कल्याण बोर्ड की आर्थिक स्थिति भी सामने आई.

Chief Minister ने बताया कि वर्ष 2020-21 में बोर्ड के सदस्यों की संख्या 17,771 थी. अब यह संख्या बढ़कर 1,00,495 हो गई है. बोर्ड की औसत मासिक आय करीब 16.7 करोड़ रुपए है, जबकि मासिक खर्च लगभग 35 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है.

उन्होंने बताया कि पिछले पांच महीनों में राज्य Government ने पेंशन भुगतान के लिए 32 करोड़ रुपए दिए हैं, लेकिन अभी भी बकाया भुगतान किया जाना बाकी है.

Chief Minister के अनुसार, बोर्ड के पास 700 करोड़ रुपए से अधिक का अंशदान बकाया है. उन्होंने प्रवासी संगठनों से इस राशि की वसूली में सहयोग करने की अपील की.

Chief Minister ने कहा कि नोरका की बीमा योजनाओं के तहत दावों की संख्या काफी बढ़ गई है, जिससे इन योजनाओं का नवीनीकरण करना मुश्किल हो गया है. Government अब नई व्यवस्था पर काम कर रही है.

प्रवासियों की एक अन्य बड़ी समस्या, हवाई यात्रा के बढ़ते खर्च का उल्लेख करते हुए Chief Minister ने कहा कि राज्य Government ने कई बार केंद्र Government से हवाई किरायों को नियंत्रित करने का आग्रह किया है. उन्होंने कहा कि घर आने-जाने का बढ़ता खर्च आम प्रवासी श्रमिकों की बचत को खत्म कर रहा है.

Chief Minister ने भरोसा दिलाया कि Government जल्द ही लोका केरल सभा के विकल्प के रूप में नई व्यवस्था लेकर आएगी और साथ ही प्रवासी कल्याण तथा निवेश से जुड़े मुद्दों पर काम जारी रखेगी.

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एएमटी/डीकेपी

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