
नीमच, 26 अगस्त . Prime Minister Narendra Modi के महिला सशक्तिकरण, स्वावलंबन और ग्रामीण महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ की श्रेणी में लाने के विजन को धरातल पर उतारते हुए जनपद पंचायत नीमच के प्रांगण में Madhya Pradesh राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) द्वारा चार दिवसीय ‘आजीविका राखी मेला’ आयोजित किया गया है. 24 से 27 अगस्त तक चलने वाले इस मेले में ग्रामीण स्व सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा निर्मित उत्पादों की लगभग 30 स्टॉल लगाई गई हैं.
मेले में ग्रामीण दीदियों द्वारा हस्तनिर्मित इको-फ्रेंडली राखियां, शुद्ध मसाले (हल्दी, धनिया), पापड़-अचार, पूजन सामग्री, अगरबत्ती, बरी, लड्डू गोपाल की पोशाकें, बांस शिल्प उत्पाद और डिजाइनर परिधान प्रदर्शित व विक्रय किए जा रहे हैं. त्योहार के सीजन को देखते हुए इस मेले को खास तौर पर राखी पर फोकस कर आयोजित किया गया है.
एनआरएलएम से जुड़ी समूह की महिलाओं का कहना है कि Prime Minister और शासन की योजनाओं ने उन्हें घर की चारदीवारी से निकालकर आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से सशक्त बनाया है. त्योहार के अवसर पर लगे इस मेले से उनकी आमदनी में उल्लेखनीय वृद्धि हो रही है. वहीं, मेले में पहुंचे स्थानीय नागरिकों व उपभोक्ताओं ने उत्पादों की शुद्धता, गुणवत्ता और किफायती दरों की जमकर सराहना की.
मेले में स्टॉल लगाने वाली डूंगलावदा की स्व सहायता समूह सदस्य अन्नू बैरवा ने बताया, “मैं 2018 से एनआरएलएम की मदद से आजीविका स्व सहायता समूह में जुड़ी हुई हूं. आज जो एनआरएलएम की तरफ से आजीविका राखी मेला लगा है, जो 24 से 27 अगस्त के बीच लगा हुआ है, उसमें मैंने स्टॉल लगाई है तो मेरी इनकम बहुत अच्छी हो रही है. जो पहले कुछ नहीं कर पाते थे, अब हम आत्मनिर्भर बन गए. इसमें सभी प्रकार की स्टॉलें हैं- जैसे किराना, राखी, साड़ियों की स्टॉल, अगरबत्ती और दोना-पत्तल की है. सभी प्रकार की जो महिलाएं आसपास के ग्रामीण क्षेत्र की हैं, उन्होंने अपनी-अपनी स्टॉल लगाई है. एनआरएलएम के माध्यम से बहुत से प्रयास किए जा रहे हैं. जो महिलाएं पहले घर के बाहर नहीं निकल पाती थीं, वो आज अपने पैरों पर सक्षम खड़ी हैं.”
वैष्णवी स्व सहायता समूह की अलका सेन ने बताया, “मेरे समूह ने मिलकर राखी बनाई. जनपद पंचायत में यहां पर हमारी स्टॉल लगी है, जिसमें आजीविका राखी मेला लगा है. इसमें कम से कम पैसे में राखी दी जाती है. यह योजना Chief Minister और Prime Minister द्वारा चलाई गई, जिसमें हम जैसी महिलाओं को भी रोजगार मिला.”
मेले में खरीदारी करने पहुंची ग्राहक भारती सिंघल ने कहा, “यहां पर ग्रामीण महिलाओं के द्वारा बहुत ही अच्छा प्रयास किया गया है. यहां पर हाथ से बनाई हुई चीजों का स्टॉल बहुत ही अच्छा है. मसाले हैं, राखियां हैं, और बाजार के रेट से बहुत कम रेंज में हैं. बहुत अच्छा है कि औरतें आत्मनिर्भर हैं, खुद से प्रयास कर रही हैं. घर पर होममेड चीजें बनी हुई हैं, अचार, मसाले, पापड़, और राखियां—तो मैंने भी यहां से खरीदा है.”
एक अन्य ग्राहक गुणवंत जैन ने कहा, “यह सबसे बढ़िया है. यहां आने पर देखने को मिला कि राखी, मसाला, साड़ी और भी बहुत सी चीज जो स्व सहायता समूह द्वारा बनाई गई है, वो शुद्ध मिल रहा है. बाजार से लाते हैं तो उसमें मिलावट मिलती है. राखियों में भी जो केमिकल युक्त राखियां बनती हैं, वो यहां नहीं मिली. यहां हाथ से बनी हुई राखियां हैं. Government की यह योजना स्व सहायता समूहों को प्रेरित करने के लिए बहुत ही सराहनीय कदम है.”
विकास खंड प्रबंधक राजेंद्र कुमार चौहान ने बताया, “Prime Minister Narendra Modi की मंशा है कि महिला दीदियों को सशक्त करने के लिए एवं उनको आत्मनिर्भर बनाने के लिए विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम किए जाएं. उन्हीं की मंशा अनुसार आज जनपद पंचायत नीमच के प्रांगण में आजीविका राखी मेले का आयोजन किया जा रहा है. इस मेले में बरी, लड्डू गोपाल की ड्रेस, हाथ से बनाई हुई रुई-बत्ती, अगरबत्ती, ऑर्गेनिक मसाले, बांस से बने उत्पाद और डिजाइनर ड्रेसेस विक्रय के लिए रखे गए हैं.”
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एससीएच/डीकेपी