
पूर्वी गोदावरी, 13 सितंबर . पूरा देश गणेश चतुर्थी की तैयारी कर रहा है. इसी बीच, आंध्र प्रदेश के पूर्वी गोदावरी जिले में एक किसान ने जीवित पौधों से भगवान गणेश की एक अनोखी मूर्ति बनाई है, जो सभी का ध्यान खींच रही है.
इको-फ्रेंडली गणेश की यह मूर्ति ध्यान से काटे गए पौधों से बनाई गई है, जिससे मूर्ति को एक खास प्राकृतिक रूप मिलता है. मूर्ति में भगवान गणेश को उनके हाथी के सिर, सूंड, कान और शरीर के साथ खूबसूरती से दिखाया गया है. साथ ही पौधों की प्राकृतिक हरियाली को भी बनाए रखा गया है.
एक युवा किसान डूलम धनराजू ने लगभग दो साल ट्रेनिंग और पौधों को उगाने में बिताए, जिसके बाद उन्होंने पौधों को करीब नौ फीट ऊंची गणेश मूर्ति का आकार दिया है. मिट्टी या प्लास्टर ऑफ पेरिस (पीओपी) से बनी आम गणेश मूर्तियों के उलट किसान धनराजू ने धीरे-धीरे पौधों को भगवान गणेश का आकार दिया. वह इस रचना को ‘वृक्ष गणपति’ और ‘जीवंत गणेश’ कहते हैं. यह अनोखी मूर्ति करीब नौ फीट ऊंची और चार फीट चौड़ी है.
10वीं पास किसान धनराजू एक नर्सरी चलाते हैं और उन्हें पौधों का इस्तेमाल करके कलात्मक आकार बनाने में दिलचस्पी है. उन्होंने कई पौधों पर आधारित डिजाइनों के साथ प्रयोग किया है, जिसमें शतरंज के टुकड़े, गिटार, गार्डन लैंप और अलग-अलग फूलों के आकार शामिल हैं. धनराजू के मुताबिक, उनकी कुछ क्रिएशन देश के अलग-अलग हिस्सों के ग्राहकों ने खरीदी हैं. हालांकि, उनका कहना है कि ‘लिविंग गणेश’ (जीवंत गणेश) बिक्री के लिए नहीं है.
समाचार एजेंसी से बातचीत में धनराजू ने इसे भगवान गणेश के प्रति अपनी भक्ति और प्रकृति के प्रति अपने जुनून का मिलाजुला रूप बताया. उनका मानना है कि पौधों का इस्तेमाल पर्यावरण के प्रति जागरूकता को बढ़ावा देते हुए सुंदर कलाकृतियां बनाने के लिए किया जा सकता है.
किसान धनराजू अब आंध्र प्रदेश के उपChief Minister और जन सेना पार्टी के प्रमुख पवन कल्याण को यह यूनिक ‘जीवंत गणेश’ गिफ्ट करना चाहते हैं. उनका कहना है, “अगर मौका मिला तो वह यह मूर्ति पवन कल्याण को गिफ्ट करना चाहते हैं और उम्मीद करते हैं कि इसे जन सेना पार्टी कार्यालय या उपChief Minister के फार्महाउस पर रखा जा सकेगा.”
–
डीसीएच/