परविंदर झोटा हत्याकांड: अस्पताल पहुंचे रवनीत बिट्टू को पुलिस ने हिरासत में लिया, पंजाब सरकार पर साधा निशाना

चंडीगढ़, 13 अक्टूबर . पूर्व Union Minister और भाजपा नेता रवनीत सिंह बिट्टू को Tuesday को पंजाब Police ने उस समय हिरासत में ले लिया, जब वह मानसा के सिविल अस्पताल में परविंदर झोटा हत्याकांड में घायल लोगों का हालचाल जानने पहुंचे थे.
नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की गोली मारकर हत्या किए जाने की घटना पर गहरा दुख और चिंता जताते हुए बिट्टू ने भगवंत मान के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी (आप) Government को आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में विफल बताया.
उन्होंने राज्य में बिगड़ती कानून-व्यवस्था और नशे के कथित खुले कारोबार पर सवाल उठाते हुए कहा कि बढ़ते नशे के खतरे को लेकर लगातार शिकायतें और चेतावनी मिलने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई.
बिट्टू ने कहा कि परविंदर सिंह झोटा ने खुलकर ड्रग तस्करी के खिलाफ आवाज उठाई थी और कथित तौर पर नशा तस्करों के खिलाफ मोर्चा खोल रखा था. उन्होंने सवाल किया कि लगातार मिल रही धमकियों के बावजूद उन्हें पर्याप्त सुरक्षा क्यों नहीं दी गई और नशे के कारोबार में कथित रूप से शामिल लोगों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं हुई.
पूर्व Union Minister ने इस बात पर भी आश्चर्य जताया कि कथित तौर पर तीन जिलों के लिए केवल एक ड्रग इंस्पेक्टर तैनात है. उन्होंने सवाल किया कि जब पर्याप्त प्रवर्तन कर्मचारी ही नहीं हैं तो Government नशे की समस्या से प्रभावी तरीके से कैसे निपटेगी.
उन्होंने राज्य Government से जवाब मांगा और स्वास्थ्य विभाग तथा स्वास्थ्य मंत्री की जवाबदेही पर भी सवाल उठाए.
बिट्टू ने कहा, “यदि नशे की खुलेआम बिक्री की शिकायतें लगातार उठाई जा रही थीं तो प्रशासन प्रभावी कार्रवाई करने में क्यों विफल रहा? जब लोग इस समस्या की ओर खुलकर ध्यान दिला रहे थे, तब प्रशासनिक तंत्र कहां था? Government को बताना चाहिए कि नशा तस्करी के खिलाफ बोलने वालों को पर्याप्त सुरक्षा क्यों नहीं दी गई.”
उन्होंने Police की उस शुरुआती धारणा पर भी सवाल उठाया, जिसमें कथित तौर पर घटना को व्यक्तिगत दुश्मनी का परिणाम बताया गया था.
बिट्टू ने कहा, “निष्पक्ष और व्यापक जांच पूरी होने से पहले Police किसी व्यक्तिगत दुश्मनी के निष्कर्ष पर कैसे पहुंच सकती है? इस मामले के हर पहलू की जांच होनी चाहिए, जिसमें यह भी शामिल है कि क्या इस घटना का संबंध नशे के कारोबार से है. जांच निष्पक्ष, सबूतों पर आधारित और किसी भी Political दबाव से मुक्त होनी चाहिए.”
–
एएमटी/डीकेपी


