पंजाब में सरकार के खिलाफ कर्मचारियों का मोर्चा, पेन-डाउन हड़ताल और सामूहिक अवकाश का ऐलान

चंडीगढ़, 7 सितंबर . पंजाब सचिवालय अधिकारी संघ के अध्यक्ष मनजीत सिंह रंधावा ने पंजाब Government के कर्मचारियों के खिलाफ जारी कारण बताओ नोटिस और 2020 के बाद भर्ती कर्मचारियों को 60 प्रतिशत डीए देने के फैसले को लेकर Government पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि कर्मचारी Government के रुख के विरोध में सामूहिक अवकाश, पेन-डाउन हड़ताल और प्रतीकात्मक भूख हड़ताल करेंगे.

मनजीत सिंह रंधावा ने से बातचीत में बताया कि पंजाब में कर्मचारी संगठनों की साझा तालमेल कमेटी की लुधियाना में बैठक हुई थी. इसमें Government की ओर से हड़ताल में शामिल कर्मचारियों के खिलाफ जारी पत्र को वापस लेने और कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों से बातचीत शुरू करने की मांग की गई थी. Government को 7 सितंबर तक का समय दिया गया था. कर्मचारी संगठनों का कहना है कि जिन कर्मचारियों को ‘अनधिकृत अनुपस्थिति’ के नाम पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है, उनकी गैरहाजिरी को इस तरह परिभाषित करना उचित नहीं है. Government ने बातचीत से गतिरोध खत्म नहीं किया, इसलिए अब आंदोलन को आगे बढ़ाया जा रहा है.

रंधावा ने कहा कि सामूहिक अवकाश का मतलब यह नहीं होगा कि कर्मचारी कार्यालय नहीं आएंगे. कई कर्मचारी दफ्तर पहुंचकर पेन-डाउन हड़ताल में शामिल होंगे और काम नहीं करेंगे. इरिगेशन, लोकल गवर्नमेंट, हेल्थ समेत विभिन्न डायरेक्टरेट्स में कर्मचारी अपने स्तर पर रैलियां और प्रदर्शन करेंगे. पंजाब सचिवालय में भी पेन-डाउन हड़ताल लागू करने की बात कही गई है. इसके साथ यूनियन नेताओं और इच्छुक कर्मचारियों की ओर से प्रतीकात्मक भूख हड़ताल भी की जाएगी.

उन्होंने 2020 के बाद भर्ती कर्मचारियों को 60 प्रतिशत डीए देने की घोषणा की आलोचना करते हुए कहा कि Government कर्मचारियों के बीच अंतर पैदा करने की कोशिश कर रही है. उन्होंने दावा किया कि हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार 42 प्रतिशत डीए पाने वाले कर्मचारियों का डीए 60 प्रतिशत किया जाना चाहिए और बकाया राशि भी दी जानी चाहिए. केवल डीए बढ़ाने से कर्मचारियों की सभी समस्याओं का समाधान नहीं होगा. पुरानी पेंशन योजना, प्रोबेशन अवधि को तीन से घटाकर दो साल करना, प्रोबेशन के दौरान पूरी तनख्वाह और पंजाब पे-स्केल जैसे मुद्दे भी कर्मचारियों की मांगों में शामिल हैं.

रंधावा ने दावा किया कि पंजाब की दो प्रमुख कर्मचारी जथेबंदियों, साझा मुलाजिम फ्रंट और साझा मुलाजिम मंच, के तहत बड़ी संख्या में कर्मचारी संगठन जुड़े हुए हैं. दोनों के बीच साझा तालमेल कमेटी के माध्यम से आंदोलन को लेकर निर्णय लिए जा रहे हैं. मिनिस्ट्रियल सर्विसेज का क्लेरिकल स्टाफ हड़ताल में शामिल रहेगा. जिन विभागों ने कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस या कार्रवाई संबंधी पत्र जारी किए हैं, वहां के कर्मचारी भी आंदोलन में शामिल होंगे. रंधावा ने कुछ विश्वविद्यालयों के कर्मचारी संगठनों से भी समर्थन मिलने का दावा किया है.

रंधावा ने मोहनजीत सिंह शेरों के समर्थन की भी घोषणा की. उन्होंने दावा किया कि Police की कथित मारपीट के बाद शेरों घायल हैं और पटियाला के राजिंदरा अस्पताल में भर्ती हैं. कर्मचारी संगठन इस मामले में भी उनके समर्थन में खड़े होने की बात कह रहे हैं. उन्होंने आगे कहा कि आंदोलन का उद्देश्य Government को यह संदेश देना है कि कर्मचारी उसके मौजूदा रुख से संतुष्ट नहीं हैं और बातचीत के जरिए लंबित मांगों का समाधान चाहते हैं.

पीएसके

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