
चंडीगढ़, 25 अगस्त . पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर प्रदेश भाजपा नेताओं की ओर से कहा गया है कि वह शिरोमणि अकाली दल के साथ समझौता नहीं करेगी और सभी विधानसभा सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारेगी. इसी बीच, आम आदमी पार्टी (आप) के नेता बलतेज पन्नू ने भाजपा और अकाली दल के बीच संभावित गठबंधन की अटकलों पर तंज कसा.
उन्होंने कहा कि पंजाब की जनता यह नहीं भूली है कि गठबंधन की Governmentों के दौरान राज्य का क्या हाल था. उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हीं Governmentों के कार्यकाल में गैंगस्टरवाद पनपा.
चंडीगढ़ में से बातचीत में आप नेता बलतेज पन्नू ने कहा कि भाजपा-अकाली दल के गठबंधन ने पंजाब के लिए क्या किया, इसे 2007 से 2017 तक के उनके शासनकाल को देखकर समझा जा सकता है. पंजाब में ड्रग्स कब आए. 2007 से 2017 के दौरान. गैंगस्टरवाद कब पनपा, उसी दौरान. कारोबारों पर कब्जा कब हुआ, उसी दौरान. लोग भूले नहीं हैं.
बलतेज पन्नू ने कहा कि अगर भाजपा और अकाली दल दोबारा साथ आते हैं तो पंजाब की जनता को पुरानी बातें याद रहेंगी. जब अकाली दल भाजपा से अलग हुआ था, तब उसने कहा था कि वह किसानों के साथ है. अब उनके नेता अगर भाजपा के साथ जाने का मन बनाते हैं तो वे कैसे कह सकते हैं कि वह किसानों के हित के बारे में सोचते हैं?
उन्होंने आरोप लगाया कि अकाली दल की अब पहले जैसी साख नहीं रही है. पार्टी अब अकाली दल की साख बचाने के बजाय केवल परिवार की साख बचाने की कोशिश कर रही है.
BJP MP कंगना रनौत के बयान पर आप नेता ने कहा कि एक पब्लिसिटी होती है और एक ‘चीप पब्लिसिटी’ होती है. कंगना के पास पब्लिसिटी हासिल करने के लिए कोई ठोस मुद्दा नहीं है. कंगना कई बार बुजुर्ग महिलाओं को लेकर गलत बयान दे देती हैं और बच्चों के लिए भी आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल कर चुकी हैं. उन्होंने कंगना की सोच और उनकी शिक्षा को लेकर भी सवाल उठाए.
बलतेज पन्नू ने भाजपा Government पर निशाना साधते हुए कहा कि 2014 में सत्ता में आने से पहले चुनाव प्रचार के दौरान Gujarat मॉडल की चर्चा की जाती थी. उन्होंने कहा कि Gujarat में ऐसा कोई मॉडल नहीं है, जैसा प्रचारित किया जाता है. उन्होंने पंजाब Government के स्कूलों में किए गए काम का जिक्र करते हुए कहा कि अब प्रदेश के पास दिखाने के लिए बहुत कुछ है. उनकी Government ने पंजाब के स्कूलों की स्थिति में बदलाव किया है और भाजपा नेताओं को इसे स्वीकार करना चाहिए. अरविंद केजरीवाल ने Gujarat के एक हजार स्कूल दिखाने की बात कही थी और अब पंजाब के स्कूल भी दिखाए जाएंगे. देश की जनता खुद तय कर सकती है कि किसका मॉडल बेहतर है.
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डीकेएम/एबीएम