पंजाब में छात्रों का प्रदर्शन हुआ हिंसक, तीन पुलिस वाहन जलाए गए

चंडीगढ़, 27 सितंबर . पंजाब के फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) में Sunday शाम को फिर से हिंसा भड़क उठी. इस दौरान प्रदर्शनकारी छात्रों और Police के बीच झड़प हुई. पत्थरबाजी और आगजनी के बीच कई Police वाहनों को आग लगा दी गई.

छात्रों का आरोप है कि विश्वविद्यालय की एक छात्रा के साथ दुष्कर्म हुआ, जिसके बाद उसने आत्महत्या कर ली. हिंसा बढ़ने के दौरान कम से कम तीन Police एसयूवी जला दी गईं, जबकि कई Policeकर्मी घायल हो गए. प्रदर्शनकारियों पर पत्थर और अन्य वस्तुएं फेंके जाने के बाद Police ने लाठीचार्ज किया.

यह हिंसा विश्वविद्यालय परिसर में एक छात्रा के साथ दुष्कर्म और उसके बाद आत्महत्या करने के आरोपों से संबंधित social media पर फैली अपुष्ट खबरों के विरोध में हुए बड़े छात्र प्रदर्शन के कुछ घंटों बाद हुई. इससे पहले हुए प्रदर्शनों में विश्वविद्यालय की संपत्ति को व्यापक नुकसान पहुंचा था, खिड़कियों और अन्य बुनियादी ढांचे को तोड़ दिया गया था, और परिसर के कुछ हिस्सों में आग लगा दी गई थी. छात्रों ने जालंधर-फगवाड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग को भी अवरुद्ध कर दिया, जिससे यातायात में भारी बाधा उत्पन्न हुई.

शुरू में Police अधिकारियों ने कहा कि उन्हें कथित दुष्कर्म की पुष्टि करने वाली कोई शिकायत या सबूत नहीं मिला है. हालांकि, बाद में Police ने छात्रों के बयानों के आधार पर एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ दुष्कर्म का First Information Report दर्ज किया और आरोपों की पुष्टि के लिए एक विशेष जांच दल का गठन किया.

कपूरथला के वरिष्ठ Police अधीक्षक गौरव तोरा ने मीडिया को बताया कि छात्रों द्वारा Policeकर्मियों पर पत्थरबाजी शुरू करने और एक Police वाहन में आग लगाने के बाद स्थिति और बिगड़ गई. उन्होंने कहा कि Police ने जांच में पारदर्शिता बनाए रखने के प्रयास किए हैं और छात्रों के साथ cctv फुटेज सहित संबंधित सामग्री साझा की है.

विश्वविद्यालय ने छात्रों और अन्य लोगों से अपुष्ट जानकारी को न फैलाने का आग्रह किया है.

हालिया हिंसा ने परिसर में तनाव को काफी बढ़ा दिया है और इलाके में भारी Police बल तैनात किया गया है. अधिकारी आरोपों के साथ-साथ आगजनी, तोड़फोड़ और Police वाहनों पर हमलों की भी जांच कर रहे हैं.

एलपीयू में लड़की के साथ हुए कथित यौन उत्पीड़न की निंदा करते हुए अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने इस स्थिति के लिए अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी (आप) को जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने लिखा कि आरोपियों को कानून के तहत कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए. लेकिन Police की निष्क्रियता ने स्थिति को और बिगाड़ दिया. यह महज एक विफलता नहीं थी, यह एक साजिश थी! अशोक मित्तल (एलपीयू के कुलाधिपति) आप छोड़ कर भाजपा में शामिल हो गए. अब, अरविंद केजरीवाल, भगवंत मान और मनीष सिसोदिया कथित तौर पर उनसे बदला लेने के लिए एलपीयू को बंद करना चाहते हैं.

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एमएस/

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