
चंडीगढ़, 29 सितंबर . पंजाब के Chief Minister भगवंत सिंह मान के निर्देशों पर अमृतसर ग्रामीण Police ने राज्य को सुरक्षित बनाने के लिए चल रहे अभियान के तहत एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए गैर-कानूनी हथियारों और नशीले पदार्थों की सप्लाई करने वाले नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है. इस मामले में Police ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है.
पंजाब के Police महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने Tuesday को यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि Police टीमों ने उनके पास से 10.030 किलो हेरोइन, दो अत्याधुनिक असॉल्ट राइफलें (जिनमें एक एके-47 और एक एके-56 शामिल हैं) और साथ ही तीन मैगजीन और 10 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं.
गिरफ्तार लोगों की पहचान संदीप सिंह (32) और उनकी पत्नी कमलजीत कौर (31) के रूप में हुई है. यह दोनों अमृतसर ग्रामीण के गांव बरार के निवासी हैं. वहीं, तीसरे आरोपी की पहचान कमलजीत के भाई बिक्रमजीत सिंह (23) के रूप में हुई है, जो अमृतसर ग्रामीण के गांव गुमानपुरा का निवासी है. आरोपी संदीप सिंह एक हिस्ट्रीशीटर है और उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट, एनडीपीएस एक्ट आदि से जुड़े चार आपराधिक मामले दर्ज हैं.
डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि शुरुआती जांच से पता चला है कि गिरफ्तार आरोपी कथित तौर पर विदेश में बैठे तस्करों से जुड़े थे और राज्य में आगे सप्लाई के लिए गैर-कानूनी हथियार और नशीले पदार्थ हासिल कर रहे थे. उन्होंने कहा कि इस मामले में नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने और पूरे पीछे और आगे के कनेक्शन का पता लगाने के लिए आगे की जांच चल रही है.
ऑपरेशन की जानकारी देते हुए बॉर्डर रेंज के इंस्पेक्टर जनरल ऑफ Police (आईजीपी) गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि खास खुफिया जानकारी मिलने पर तेजी से कार्रवाई करते हुए घरिंडा Police स्टेशन की टीमों ने एक टारगेटेड ऑपरेशन चलाया और तीनों को प्रतिबंधित सामान और हमले वाले हथियारों के साथ पकड़ लिया.
आईजीपी गुरप्रीत भुल्लर ने बताया कि शुरुआती जांच में एक अनोखा तरीका सामने आया है, जिसमें आरोपियों ने भारत-Pakistan बॉर्डर की बाड़ से सिर्फ 500 मीटर दूर मोधे गांव में अमरूद के बाग के लिए लगभग एक एकड़ जमीन लीज पर ली थी. उन्होंने कहा कि आरोपी बॉर्डर के पास बने इस बाग का इस्तेमाल बॉर्डर पार से ड्रोन के जरिए गिराए गए ड्रग्स और हथियारों की खेप को लेने और ठिकाने लगाने के लिए कर रहे थे.
अमृतसर ग्रामीण के सीनियर सुपरिटेंडेंट ऑफ Police (एसएसपी) कंवलप्रीत सिंह चहल ने बताया कि आरोपी संदीप और उनकी पत्नी कमलजीत कौर मिलकर बॉर्डर पार से तस्करी का काम संभाल रहे थे, जबकि उनका भाई बिक्रमजीत सिंह खेप को लेने, लाने-ले जाने और पहुंचाने में कूरियर के तौर पर मदद करता था.
इस मामले में अमृतसर ग्रामीण के घरिंडा Police स्टेशन में एनडीपीएस एक्ट की धारा 21, 23 और 29 और आर्म्स एक्ट की धारा 25 के तहत First Information Report दर्ज की गई है.
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डीके/डीकेपी