नेपाल में बाढ़: पर‍िजनों के डीएनए से होगी अपनों की पहचान, गुजरात से 29 सैंपल एकत्र

गांधीनगर, 10 सितंबर . Gujarat Government ने नेपाल में 26 अगस्त को आई व‍िनाशकारी बाढ़ के बाद उन लोगों के पर‍िजनों का डीएनए सैंपल एकत्र क‍िए हैं, जो इस त्रासदी में लापता हो गए. Gujarat के ऐसे करीब 30 लोग हैं जो बाढ़ का श‍िकार हो गए और अब तक उनसे कोई संपर्क नहीं हो पाया है. 30 में 29 लोगों को पर‍िजनों को सैंपल इकट्ठा कर ल‍िए गए हैं.

इकट्ठा किए गए डीएनए सैंपल की प्रोफाइलिंग की जा रही है, ताकि आपदा में मिले शवों और मानव अवशेषों की पहचान की जा सके. बाकी एक लापता व्यक्ति के परिजनों से नमूने लेने की प्रक्रिया भी जारी है.

Gujarat स्टेट नॉन-रेजिडेंट Gujaratी फाउंडेशन (एनआरजीएफ), जो सामान्य प्रशासन विभाग के एनआरआई प्रभाग के तहत काम करता है, इस पूरी प्रक्रिया में परिवारों और India तथा विदेशों की संबंधित एजेंसियों के साथ लगातार संपर्क बनाए हुए है.

यह अभियान केंद्र Government की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार चलाया जा रहा है. इसके तहत लापता लोगों के करीबी रिश्तेदारों के डीएनए नमूने लेने और उनकी प्रोफाइलिंग के लिए विशेष फोरेंसिक प्रयोगशालाएं तय की गई हैं.

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के निर्देश के अनुसार इन निर्धारित प्रयोगशालाओं में डीएनए प्रोफाइलिंग का काम मुफ्त किया जा रहा है.

Gujarat में इस प्रक्रिया के लिए छह प्रयोगशालाएं काम कर रही हैं. गांधीनगर, Ahmedabad, सूरत, वडोदरा, जूनागढ़ और राजकोट में डीएनए प्रोफाइलिंग की जा रही है.

गांधीनगर स्थित नेशनल फोरेंसिक साइंसेज यूनिवर्सिटी (एनएफएसयू) India में लिए गए डीएनए नमूनों की प्रोफाइलिंग और नेपाल में चल रही पहचान प्रक्रिया के साथ उसके मिलान को लेकर विदेश मंत्रालय के साथ समन्वय कर रही है.

एनएफएसयू की दस सदस्यीय फोरेंसिक टीम भी नेपाल में पहचान संबंधी प्रयासों में शामिल है. दूसरी ओर नेपाल Police ने भी घटना के बाद मिले शवों और मानव अवशेषों की डीएनए जांच शुरू कर दी है.

एनआरजीएफ प्रत्येक लापता व्यक्ति के परिजनों से व्यक्तिगत रूप से संपर्क कर रहा है और उन्हें निर्धारित प्रयोगशालाओं, उपलब्ध सुविधाओं तथा डीएनए नमूने देने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दे रहा है.

संस्था विदेशों में रहने वाले एनआरजी और अन्य रिश्तेदारों के साथ भी संपर्क में है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि उनके देशों की स्थानीय एजेंसियों ने क्या कार्रवाई की है.

न्यूजीलैंड, अमेरिका, कनाडा और कई अफ्रीकी देशों में रहने वाले परिजनों के मामलों में एनआरजीएफ ने वहां की एजेंसियों की ओर से लिए गए डीएनए नमूनों और पहचान प्रक्रिया की स्थिति से जुड़ी जानकारी भी हासिल की है.

कई मामलों में विदेशों में रहने वाले रिश्तेदारों के डीएनए नमूने वहां की स्थानीय एजेंसियों के जरिए पहले ही लिए जा चुके हैं.

डीएनए प्रोफाइलिंग की रिपोर्ट संबंधित प्रयोगशालाओं की ओर से सीधे नेपाल के अधिकारियों को उनके आधिकारिक ईमेल पते और संपर्क माध्यमों के जरिए भेजी जा रही है.

नेपाल Police ने विदेशों में रहने वाले लापता लोगों के करीबी परिजनों से भी अपील की है कि वे अपने-अपने देशों की अधिकृत फोरेंसिक प्रयोगशालाओं में डीएनए जांच करवाएं.

Gujarat Government राज्य आपातकालीन अभियान केंद्र (एसईओसी), जिला प्रशासन और एनआरजीएफ के माध्यम से उन लोगों की तलाश के प्रयासों का समन्वय कर रही है जो बाढ़ के बाद लापता हो गए हैं या जिनसे अब तक संपर्क नहीं हो पाया है. इनमें Gujarat के निवासी और विदेशों में रहने वाले Gujaratी दोनों शामिल हैं.

एसईओसी और एनआरजीएफ की ओर से तैयार की गई लापता और संपर्क से बाहर लोगों की संयुक्त सूची नेपाल Government के साथ भी साझा की गई है. फिलहाल बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से जुड़े 30 लोग, जिनमें एनआरजी भी शामिल हैं, अब भी लापता हैं.

लापता या संपर्क से बाहर बताए गए लोगों में Ahmedabad, आनंद, बनासकांठा, खेड़ा, गांधीनगर, सूरत, वलसाड, राजकोट और Gujarat के अन्य इलाकों के लोग शामिल हैं. इनमें से कई लोग अलग-अलग ट्रैवल एजेंसियों और मार्गों के जरिए कैलाश मानसरोवर यात्रा पर नेपाल गए थे.

एवाई/वीसी

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