
सियोल, 26 अगस्त . नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बाद आठ दक्षिण कोरियाई नागरिक लापता हो गए हैं, जबकि 10 अन्य वहां फंसे हुए हैं. दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्रालय ने Wednesday को यह जानकारी दी.
मंत्रालय के अनुसार, लापता आठों दक्षिण कोरियाई नागरिक कोरिया साउथ-ईस्ट पावर कंपनी और दूसान एनरबिलिटी कंपनी के कर्मचारी हैं. वे नेपाल के रसुवा जिले में एक जलविद्युत परियोजना के निर्माण कार्य में लगे हुए थे.
इसके अलावा, दूसान एनरबिलिटी से जुड़े 10 अन्य दक्षिण कोरियाई नागरिक भी प्रभावित क्षेत्र में फंसे हुए हैं और बचाव का इंतजार कर रहे हैं. योनहाप समाचार एजेंसी के अनुसार, नेपाल Government ने उन्हें सुरक्षित निकालने के लिए हेलीकॉप्टर भेजा है.
दक्षिण कोरियाई दूतावास ने आठ नागरिकों के लापता होने की जानकारी मिलने के बाद नेपाल Government को सूचित किया और तत्काल तथा व्यापक खोज एवं बचाव अभियान चलाने का अनुरोध किया.
स्थिति की जानकारी मिलने पर दक्षिण कोरिया के President ली जे म्युंग ने अधिकारियों को ‘उपलब्ध सभी संसाधनों का उपयोग’ करते हुए तत्काल खोज और बचाव अभियान चलाने का निर्देश दिया. President कार्यालय की वरिष्ठ प्रवक्ता कांग यू-जुंग ने इसकी जानकारी दी.
नेपाल-तिब्बत सीमा के पास आई इस विनाशकारी फ्लैश फ्लड ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है. विदेशी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इस आपदा में कई लोगों की मौत हुई है, सैकड़ों लोग अब भी लापता हैं और गांवों तथा बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है.
अधिकारियों के मुताबिक, कुल 384 पर्यटकों के लापता होने की सूचना है, जिनमें 291 विदेशी नागरिक शामिल हैं. इनमें 105 भारतीय नागरिक भी शामिल बताए गए हैं.
नेपाल पर्यटन बोर्ड ने पर्यटकों और उनके परिजनों की सहायता के लिए आपातकालीन संपर्क नंबर भी जारी किए हैं. इनमें टोल-फ्री नंबर 1234, हेल्पलाइन 1144 और टूरिस्ट Police नंबर 9851289445 शामिल हैं.
पर्यटन बोर्ड ने प्रभावित क्षेत्रों में मौजूद लोगों से शांत रहने, आधिकारिक माध्यमों से जानकारी प्राप्त करने और प्रशासन द्वारा जारी सभी सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की है.
इस बीच, नेपाल के Prime Minister बलेंद्र शाह ने प्रभावित क्षेत्रों रसुवा, नुवाकोट, धादिंग, गोरखा और चितवन के सांसदों के साथ बैठक की. बैठक में भूकंप और बाढ़ से हुए नुकसान, नदी किनारे के इलाकों की स्थिति तथा राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की गई.
–
एएमटी/डीकेपी