
New Delhi, 5 सितंबर . निशु आजाद केस में खुद को इन्फ्लुएंसर बताने वाले स्वतंत्र भारद्वाज को दिल्ली Police ने गिरफ्तार कर Saturday को एक दिन की Police कस्टडी में भेज दिया. भारद्वाज ने दावा किया था कि ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (सीजेपी) के नेतृत्व में जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान उसने एक छात्र प्रदर्शनकारी के पिता से मारपीट की थी.
Police ने भारद्वाज को पटियाला हाउस कोर्ट के जज के घर पर पेश किया. इसके बाद कोर्ट ने स्वतंत्र भारद्वाज को एक दिन की Police हिरासत में भेज दिया.
एक दिन पहले, दिल्ली Police ने भारद्वाज को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले में हिरासत में लिया था. Friday को New Delhi में पार्लियामेंट स्ट्रीट Police स्टेशन के बाहर सीजेपी के विरोध-प्रदर्शन के बाद दिल्ली Police ने भरोसा दिलाया था कि वे आरोपी को पॉक्सो एक्ट, एससी/एसटी एक्ट और हत्या की कोशिश की धाराओं के तहत 72 घंटे के भीतर गिरफ्तार करेंगे.
सीजेपी के इस विरोध प्रदर्शन में सांसद चंद्रशेखर, पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव और इंडियन यूथ कांग्रेस भी शामिल हुए.
एक वायरल वीडियो में भारद्वाज के यह दावा करने के बाद विवाद खड़ा हो गया कि उन्होंने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान एक नाबालिग प्रदर्शनकारी निशु आजाद के पिता के साथ मारपीट की थी और डींग मारी थी कि दिल्ली Police ने उन्हें छोड़ दिया क्योंकि उनके Political संबंध हैं.
प्रदर्शनकारियों ने स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ कड़ी धाराओं में First Information Report दर्ज करने और आरोपी की तुरंत गिरफ्तारी की मांग की थी.
इस बीच Union Minister चिराग पासवान ने Friday को दावा किया कि वायरल वीडियो में आरोपी ने उनके नाम का गलत इस्तेमाल किया है. उन्होंने स्वतंत्र भारद्वाज नाम के आरोपी के खिलाफ आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई है और वे नाबालिग पीड़िता और उसके परिवार को न्याय दिलाना सुनिश्चित करेंगे.
Patna में मीडिया से बात करते हुए Union Minister चिराग पासवान ने कहा कि इस मामले की गंभीरता को समझते हुए और इसलिए कि उस व्यक्ति ने कई राजनेताओं के नामों के साथ-साथ मेरे नाम का भी गलत इस्तेमाल किया है, मैंने उसके खिलाफ आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई है. साथ ही, मैंने दिल्ली Police से आग्रह किया है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए.
इसके अलावा पासवान ने कहा कि मैं और मेरी पार्टी उन्हें न्याय दिलाने की जिम्मेदारी लेते हैं, क्योंकि मुझ पर आरोप लगाए गए हैं कि शायद मेरे और अन्य राजनेताओं के समर्थन के कारण आरोपी के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई. इसलिए अब हम यह सुनिश्चित करेंगे कि सच्चाई सामने आए और उस आरोपी को कड़ी सजा मिले जो खुलेआम कानून व्यवस्था का मजाक उड़ा रहा था.
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डीकेएम/वीसी