नाना पाटेकर के निधन पर भावुक हुए एकनाथ शिंदे, बोले- महाराष्ट्र की बेबाक आवाज खामोश हो गई

Mumbai , 8 अक्टूबर . Maharashtra के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने Thursday को दिग्गज Actor नाना पाटेकर के निधन पर दुख जताया. उन्होंने कहा कि उनका जाना अभिनय के एक दिग्गज और Maharashtra की शान के खोने जैसा है.

एकनाथ शिंदे ने कहा कि Maharashtra और देश ने एक संवेदनशील और दमदार Actor को खो दिया है. आज Maharashtra का गौरव और मराठी मानुष का सम्मान खो गया है. Maharashtra की बेबाक और तीखी आवाज अब खामोश हो गई है. मैंने एक सच्चा और बड़े दिल वाला दोस्त खो दिया है. इस नुकसान की भरपाई कभी नहीं हो सकती. उनके जैसा कलाकार सदी में एक बार ही पैदा होता है. उनका आखिरी सपना कश्मीर में बच्चों के लिए एक स्कूल शुरू करना था और इसे पूरा करने में हर संभव मदद करना, मैं अपना कर्तव्य मानता हूं. यही नाना पाटेकर को सच्ची श्रद्धांजलि होगी.

उन्होंने कहा कि बिना किसी गॉडफादर के सिर्फ अपने हुनर ​​के दम पर उन्होंने हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में अपनी एक अलग पहचान बनाई. Bollywood उनके नाम के आगे नतमस्तक था और उस मुकाम पर रहते हुए भी उन्होंने गर्व के साथ मराठी मानुष के स्वाभिमान और जज्बे को बनाए रखा. वह सिर्फ एक बेहतरीन कलाकार ही नहीं थे; वे Maharashtra की शान थे. सूखे से जूझ रहे किसानों के आंसू पोंछने के लिए ‘नाम फाउंडेशन’ के जरिए किया गया उनका काम सुनहरे अक्षरों में लिखे जाने के काबिल है.”

वहीं, प्रदेश के Chief Minister देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि साफगोई और निडरता – ये गुण उनके व्यक्तित्व की पहचान थे. लेकिन जब से मैं Chief Minister बना, मैंने हमेशा उनके भीतर एक संवेदनशील इंसान को देखा. जब हमने ‘जलयुक्त शिवार अभियान’ शुरू किया, तो नाना खुद इसके समर्थन के लिए आगे आए. मकरंद अनासपुरे के साथ मिलकर उन्होंने ‘नाम फाउंडेशन’ की स्थापना की और व्यक्तिगत रूप से गांवों में जाकर काम किया. चाहे किसानों की मदद करना हो या सूखे के समय मदद का हाथ बढ़ाना, वह हमेशा सबसे आगे रहे. इस साल भी, जब हम सूखे का सामना कर रहे हैं, नाना कभी पीछे नहीं हटते – लेकिन वे हमें इतनी अचानक छोड़कर चले गए. मैं उन्हें अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं. हम उनके परिवार और प्रशंसकों के दुख में शामिल हैं.

उन्होंने आगे कहा कि वह जितने शानदार पर्दे पर थे, उतने ही शानदार अपने स्वभाव में भी थे. उन्होंने मराठी और हिंदी सिनेमा को एक पूरा दौर दिया. उनमें से मुख्य रूप से एक देशभक्त के तौर पर उनकी छवि दर्शकों के दिलों में गहराई तक बसी. ‘क्रांतिवीर’ से लेकर ‘नटसम्राट’ तक, उन्होंने अपने सफर में अभिनय का जो दमदार और बेहतरीन ताना-बाना बुना, उसका कोई सानी नहीं है. इसलिए, एक Actor के तौर पर उनका जाना एक बहुत बड़ी क्षति है.

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पीएसके

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