नवरात्रि स्पेशल: गरबा-डांडिया के लिए बेस्ट हैं ये 5 गाने, सुनते ही थिरकने लगेंगे पैर

Mumbai , 10 अक्टूबर . नवरात्रि का पर्व नजदीक आते ही सभी भक्त माता रानी के रंगों में सराबोर हो जाते हैं. गरबा, ढोल की थाप और डांडिया की खनक के बीच जब श्रद्धालु एक गोले में नाचते हैं, तो वह केवल एक नृत्य नहीं बल्कि ईश्वर के प्रति पूर्ण समर्पण और भक्ति की अभिव्यक्ति बन जाता है. इस पावन अवसर पर सही गानों का चयन माहौल में चार चांद लगा देता है.

नवरात्रि के नौ दिनों में गरबा नृत्य के माध्यम से श्रद्धालु अपनी ऊर्जा और भक्ति को मां के चरणों में अर्पित करते हैं. पारंपरिक ढोल की थाप से लेकर आधुनिक Bollywood के एनर्जेटिक ट्रैक्स तक, हर किसी के पैर थिरकने लगते हैं. नवरात्रि वीक में हम आपको कुछ ऐसे गानों की लिस्ट बताएंगे, जिसे सुनकर हर कोई गरबा की थाप नाचने को बेकरार हो जाएगा.

ढोलिडा – फिल्म ‘गंगूबाई काठियावाड़ी’ का यह गीत ढोल की थाप पर शानदार गरबा डांस के लिए बेहतरीन ट्रैक. ‘ढोलिडा’ शब्द Gujaratी लोक संस्कृति और गरबा से जुड़ा हुआ है, जिसका मतलब होता है ‘ढोल बजाने वाला’. संजय लीला भंसाली ने इस पारंपरिक Gujaratी लोक संगीत (गरबा) को आधुनिक सिनेमाई भव्यता के साथ पेश किया है. गाने के बोल में ‘मावड़ी रमवा आवजो’ जैसे पारंपरिक Gujaratी गरबा छंदों का इस्तेमाल किया गया है, जो सीधे तौर पर देवी मां की आराधना से जुड़ा हुआ है.

चोगाड़ा- फिल्म लवयात्री के इस गाने को दर्शन रावल और असीस कौर ने अपनी आवाज दी है. चोगाड़ा, पारंपरिक तौर पर Gujaratी पगड़ी (साफा) के सजे हुए छोर या उसके ऊपर लगे खूबसूरत आभूषण को ‘चोगड़ा’ कहा जाता है. गाने में ‘चोगाड़ा तारा, छबीला तारा’ का इस्तेमाल अपने प्रेमी या प्रियजन की तारीफ करने के लिए किया गया है, जिसका मतलब है, ‘तुम बहुत सजीले, सुंदर और आकर्षक हो’. लिजो जॉर्ज और डीजे चेतस की जोड़ी ने पारंपरिक Gujaratी लोक संगीत के साथ आधुनिक बीट्स का ऐसा तालमेल बिठाया कि यह गाना रिलीज होते ही चार्ट बस्टर बन गया. इसके बोल खुद दर्शन रावल और शब्बीर अहमद ने लिखे हैं.

कमरिया – यह गीत नवरात्रि और डांडिया नाइट्स का एक ऑल-टाइम फेवरेट गरबा एंथम है. गाने की गति और इसकी बीट्स को खास तौर पर 2-ताली या 3-ताली गरबा और डांडिया स्टेप्स के अनुकूल बनाया गया है. यह गाना Gujarat के पारंपरिक लोक गीत ‘पेथल पुरमा’ पर आधारित है, जिसे मॉडर्न बीट्स और रैप के साथ रीमिक्स किया गया है. यही कारण है कि यह गीत आज की युवा पीढ़ी को खूब आकर्षित करता है.

गरबे की रात – यह गाना लोकप्रिय हिंदी-Gujaratी फ्यूजन गरबा गीत है. इसमें पारंपरिक Gujaratी लोकगीत की पंक्तियों के साथ-साथ आधुनिक हिंदी बोल और राहुल वैद्य का एक रैप भी शामिल किया गया है.

‘सनेडो’ – यह गीत Gujaratी लोक संगीत है, जिसके बिना नवरात्रि अधूरी मानी जाती है. दरअसल, सनेडो’ शब्द का अर्थ ‘स्नेह’ या ‘प्रेम’ होता है. 1980 के दशक में Gujaratी लोक कलाकार अरविंद बरोट इसे मुख्यधारा के मंच पर लेकर आए थे लेकिन इसे घर-घर में लोकप्रिय बनाने का श्रेय दिवंगत लोक गायक मणिराज बरोट को जाता है, जिन्होंने इसे एक उत्सव का रूप दे दिया. इस गाने की लोकप्रियता इतनी अधिक है कि Bollywood फिल्मों जैसे कि राजकुमार राव की ‘मेड इन चाइना’ (2019) और ‘मित्रों’ (2018) में भी इसके आधुनिक रीमिक्स वर्जन शामिल किए जा चुके हैं.

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एनएस/पीएम

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