नगांव उपचुनाव: असम सीएम का दावा, प्रचार के दौरान हुई झड़प के पीछे कांग्रेस की अंदरूनी कलह

गुवाहाटी, 22 सितंबर . असम के Chief Minister हिमंत बिस्वा सरमा ने Tuesday को दावा किया कि समागुरी इलाके में आगामी नगांव उपचुनाव के लिए चुनाव प्रचार के दौरान हुई हिंसा कांग्रेस के ही विरोधी गुटों के बीच झड़प का नतीजा थी. उन्होंने विपक्षी पार्टी के राज्य नेतृत्व को सलाह दी कि वे अपने अंदरूनी मतभेदों को सुलझाएं.

शर्मा का यह बयान उस घटना के एक दिन बाद आया है जब समगुरी के बरमा इलाके में कांग्रेस का एक चुनावी काफिला, जिसमें असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गौरव गोगोई और छत्तीसगढ़ के पूर्व Chief Minister भूपेश बघेल जैसे वरिष्ठ नेता शामिल थे, एक चुनावी बैठक के लिए जाते समय कथित तौर पर पथराव का शिकार हुआ.

कांग्रेस का आरोप है कि इस घटना के पीछे भाजपा समर्थक थे, जबकि Police और अन्य रिपोर्टों ने पुष्टि की है कि दोनों पक्षों के बीच टकराव हुआ था.

शर्मा ने समगुरी विधानसभा क्षेत्र के Political इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि इस घटना को कांग्रेस के भीतर मौजूद गुटबाजी के संदर्भ में देखा जाना चाहिए. शर्मा ने कहा, “असल में, यह कांग्रेस के ही विरोधी गुटों के बीच का टकराव था.”

उन्होंने बताया कि समगुरी का प्रतिनिधित्व वरिष्ठ कांग्रेस नेता और धुबरी Lok Sabha सांसद रकीबुल हुसैन के बेटे तंजिल हुसैन करते हैं.

शर्मा ने पिछले विधानसभा चुनाव के आंकड़ों का भी हवाला दिया और कहा कि इस क्षेत्र में कांग्रेस को 1,45,212 वोट मिले थे, जबकि भाजपा को 36,902 वोट मिले थे.

Chief Minister ने कांग्रेस के राज्य नेतृत्व से आग्रह किया कि वे इस घटना के लिए विरोधी Political दलों को जिम्मेदार ठहराने के बजाय अपने आंतरिक मतभेदों की जिम्मेदारी लें.

उन्होंने कहा, “कांग्रेस के राज्य नेतृत्व को आसानी से दूसरों पर दोष मढ़ने के बजाय अपने आंतरिक मतभेदों की जिम्मेदारी लेनी चाहिए और अपने गुटों पर लगाम कसनी चाहिए.”

हालांकि, कांग्रेस नेताओं का कहना है कि काफिले को भाजपा समर्थकों ने निशाना बनाया था. पार्टी का आरोप है कि उनके नेताओं की गाड़ियों पर पथराव करने से पहले काले झंडे दिखाए गए और ‘वापस जाओ’ के नारे लगाए गए. इसके बाद Police में शिकायत दर्ज कराई गई.

यह घटना 6 अक्टूबर को होने वाले नगांव Lok Sabha उपचुनाव के प्रचार के दौरान हुई. कांग्रेस ने सिबामनी बोरा को उम्मीदवार बनाया है और वरिष्ठ नेता उनके समर्थन में प्रचार कर रहे हैं.

शर्मा ने कहा कि Political मतभेद सड़कों पर नहीं आने चाहिए और न ही इनसे कानून-व्यवस्था बिगड़नी चाहिए. उन्होंने कहा, “किसी पार्टी के भीतर की Political प्रतिद्वंद्विता को कभी भी सड़कों पर नहीं आने देना चाहिए और न ही इससे समाज की शांति और सद्भाव को बिगड़ने देना चाहिए.”

टकराव के हालात और कथित पथराव के लिए जिम्मेदारी का मामला अभी जांच का विषय है.

एससीएच/पीएम

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