Skip to content
Monday, 26 October 2026
Hindi Daily Kiran India, Rajasthan, business, sports, tech और अन्य श्रेणियों की ताज़ा हिन्दी ख़बरें।
BREAKING
राष्ट्रीय

नई अफीम नीति 2026-27: 1.33 लाख किसानों को लाइसेंस, 18 हजार नए काश्तकारों को मिलेगा मौका

नई अफीम नीति 2026 27: 1

नई अफीम नीति 2026-27: 1.33 लाख किसानों को लाइसेंस, 18 हजार नए काश्तकारों को मिलेगा मौका

नीमच, 25 अक्टूबर . केंद्र Government की नई अफीम नीति 2026-27 से देशभर के लगभग 1.33 लाख काश्तकार लाभान्वित होंगे. पिछले वर्ष की तुलना में 18 हजार अतिरिक्त किसानों को खेती का अवसर मिलेगा. नीमच केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (सीबीएन) के अनुसार, नई नीति में किसानों की पात्रता, खेती का क्षेत्रफल और उपज के मानक निर्धारित किए गए हैं.

सबसे महत्वपूर्ण निर्णय वर्ष 1998 से 2003 के बीच डी-लाइसेंस हुए लगभग 10,500 किसानों को दोबारा अवसर देना है. इनमें उत्तर प्रदेश, Rajasthan और मध्यप्रदेश के किसान लाभान्वित हो सकेंगे.

नई नीति में चीरा पद्धति के लिए 0.10 हेक्टेयर और बिना चीरा पद्धति (यूपीएस) के लिए 0.05 हेक्टेयर क्षेत्र निर्धारित है. किसान अन्य व्यक्तियों की भूमि पट्टे पर लेकर भी खेती कर सकेंगे. पांच प्रतिशत अतिरिक्त रकबा क्षम्य होगा.

पात्रता के लिए चीरा पद्धति में न्यूनतम 4.4 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर मॉर्फिन तथा यूपीएस में 800 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर उपज आवश्यक है. अगले वर्ष यह मानक क्रमशः 5.9 और 900 किलोग्राम रहेगा.

नीमच में 10 हजार मीट्रिक टन वार्षिक क्षमता की आधुनिक पोस्त भूसा प्रसंस्करण इकाई आगामी वित्तीय वर्ष में शुरू होगी.

पात्र किसानों की सूची सीबीएन की वेबसाइट और ऑनलाइन पोर्टल पर जारी होगी. पंजीकृत मोबाइल और ईमेल पर सूचना मिलेगी. मौजूदा लाइसेंसधारियों को दस्तावेज दोबारा जमा नहीं कराने होंगे.

नीमच उप नारकोटिक्स आयुक्त निखिल गांधी ने बताया कि सीबीएन जो कि ओपियम कल्टीवेशन यानी अफीम की खेती के लिए नोडल एजेंसी और नोडल डिपार्टमेंट है, हम लोग यहां किसानों को हर तरीके से सुविधा देने के लिए ही बैठे हुए हैं ताकि किसान न्यूनतम तकलीफों में अपने लाइसेंस के लिए अप्लाई कर सकें और उनकी पात्रता के अनुसार उनको लाइसेंस मिल सके. इस दिशा में काम करते हुए हम अपनी लाइसेंस की पात्रता सूची जल्द ही अपनी साइट्स पर अपलोड कर रहे हैं.

सूची अपलोड करने के बाद किसान उस पर अपनी पात्रता चेक कर सकता है कि क्या वह उस सूची में है या नहीं है, और उसी के अनुसार वह सीबीएन की वेबसाइट पर लाइसेंस के लिए अप्लाई कर सकता है तथा उसी के अनुसार उनको लाइसेंस दे दिया जाएगा.

यह पात्रता सूची अभी तैयार हो रही है, लेकिन लगभग 35,900 के लगभग किसानों को लुनी-चिरनी के पट्टे मिलने हैं और लगभग 30,000 किसानों को सीपीएस के पट्टे मिलने हैं. एक्चुअली, पिछले सालों की तुलना में लगभग 10,000 से 10,500 नए किसान इस बार पात्र बनेंगे.

तकनीकी प्रशिक्षण हम पिछले कुछ समय से किसानों के लिए हर जिले और हर खंड में कृषि विज्ञान केंद्र एवं महाविद्यालय के माध्यम से लगाते रहे हैं. हमारे किसान वैसे भी काफी जागरूक हैं, वे काफी समझ रखते हैं कि उन्हें किस प्रकार से मौसम या देरी से हुई तकलीफ से निPatna है. मुझे लगता है कि वैसे इस बार टेंपरेचर अभी तक इतना कम नहीं हुआ है, तो जिन कुछ किसानों से मेरी बात हुई है उनके अनुसार यह बुवाई का सही समय है. चूंकि अब पॉलिसी आ गई है, तो वे लोग अब निश्चिंत हैं और अभी भी अच्छी उपज दे पाएंगे.

अभी भी मेरी किसानों से यही अपील है कि उनकी पात्रता सूची सीबीएन की वेबसाइट पर या तो आज शाम तक नहीं तो कल शाम तक अपलोड कर दी जाएगी. हम लोग दो पार्ट में सूचियां अपलोड कर रहे हैं. पहली सूची में वे हैं जो रेगुलर पट्टे पिछले सालों से चले आ रहे हैं और दूसरी सूची में नए पट्टे, जो भी रिलैक्सेशन पॉलिसी में आए हैं उसके अनुसार होंगे. वह सूची उसके बाद अपलोड की जाएगी. किसान पात्रता सूची में अपना नाम स्वयं चेक कर सकता है और पात्रता सूची में आपका नाम होने पर कोई भी व्यक्ति आपको अनावश्यक प्रलोभन देकर या डराकर आपका पट्टा नहीं कटवा सकता है.

अगर किसी भी कल्टीवेटर यानी कृषक को यह लगता है कि उसका नाम पात्रता सूची में होना चाहिए था परंतु नहीं है, तो वह अपने वैध दस्तावेजों के साथ संबंधित जिला अफीम अधिकारी के कार्यालय में अथवा सीधे उप नारकोटिक्स आयुक्त कार्यालय में संपर्क कर सकता है. यहां हम उसकी अगर पात्रता बनती होगी, तो उसका निर्धारण उसके दस्तावेजों के आधार पर और अपने पास उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर खुद से कर लेंगे, उसे किसी भी दलाल के झांसे में आने की जरूरत नहीं है.

–

एमएस/

Share