
Bengaluru, 22 सितंबर . कर्नाटक Government सहकारी दुग्ध उत्पादक संघों की नंदिनी दूध की खरीद और विक्रय कीमत में 8 से 10 रुपए प्रति लीटर की वृद्धि की मांग पर विचार कर रही है.
Chief Minister डीके शिवकुमार ने अधिकारियों को पड़ोसी राज्यों में दूध उत्पादन लागत और कीमतों से संबंधित व्यापक आंकड़े प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है.
सहकारी दुग्ध उत्पादक संघों के एक प्रतिनिधिमंडल ने Tuesday को विधान सौधा में शिवकुमार से मुलाकात की और मूल्य संशोधन की मांग करते हुए एक ज्ञापन सौंपा.
सीएम शिवकुमार ने बैठक के दौरान अधिकारियों से पिछले एक दशक में पशु आहार की कीमतों में हुई वृद्धि, एक लीटर दूध उत्पादन की लागत और सहकारी संघों के बाहर किसानों द्वारा बेचे जाने वाले दूध की मात्रा के बारे में विस्तृत जानकारी देने का अनुरोध किया. उन्होंने पड़ोसी राज्यों में खरीद की मात्रा और प्रचलित कीमतों के बारे में भी जानकारी मांगी.
Bengaluru शहरी और ग्रामीण दुग्ध उत्पादक सहकारी संघों (बीएएमयूएल) के अध्यक्ष डीके सुरेश (जो शिवकुमार के छोटे भाई हैं) ने प्रतिनिधिमंडल की ओर से बात की.
उन्होंने कहा कि पशुओं के चारे, दवाओं और अन्य आवश्यक सामग्रियों पर बढ़ते खर्च के कारण दूध उत्पादन की लागत में काफी वृद्धि हुई है. सूखे की स्थिति के कारण दुग्ध उत्पादक किसानों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे कृषि आय और चारे की उपलब्धता कम हो गई है.
सुरेश ने कहा, “विभिन्न राज्यों में कई सहकारी संगठन और निजी डेयरी कंपनियां लगातार दूध और दूध उत्पादों की कीमतें बढ़ा रही हैं. उपभोक्ताओं के हित में हमने पिछले डेढ़ साल से दूध की कीमतों में वृद्धि नहीं की है.”
उन्होंने आगे कहा कि निजी डेयरी कंपनियां अधिक मात्रा में दूध खरीदने का प्रयास कर रही हैं, जिससे कर्नाटक में सहकारी संघों के लिए प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है.
सुरेश ने बताया कि कर्नाटक की सहकारी समितियां वर्तमान में 35 रुपए प्रति लीटर की दर से टोंड दूध खरीद रही हैं. तुलनात्मक रूप से, आंध्र प्रदेश में खरीद मूल्य 41.50 रुपए, केरल में 41.80 रुपए, Maharashtra में 41 रुपए और तमिलनाडु में 42.24 रुपए है. उन्होंने यह भी दावा किया कि कर्नाटक में दूध का अधिकतम खुदरा मूल्य पड़ोसी राज्यों की तुलना में कम से कम 12 रुपये प्रति लीटर कम है.
प्रतिनिधिमंडल ने बढ़ती उत्पादन लागत और किसानों को बेहतर प्रतिफल प्रदान करने की आवश्यकता का हवाला देते हुए खरीद और विक्रय दोनों मूल्यों में 8 से 10 रुपए प्रति लीटर की वृद्धि की मांग की.
Chief Minister के अधिकारियों को दिए गए निर्देश से संकेत मिलता है कि Government निर्णय लेने से पहले उत्पादन लागत, खरीद मात्रा, बाजार की स्थिति और पड़ोसी राज्यों में तुलनात्मक मूल्यों के आधार पर मांग का विश्लेषण करेगी.
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एएसएच/डीकेपी