देश में स्थिति गंभीर, लोकतंत्र को बचाने की जरूरत : अशोक गहलोत

बीकानेर, 14 अक्टूबर . Rajasthan के पूर्व Chief Minister अशोक गहलोत ने Wednesday को बीकानेर में केंद्रीय मंत्रियों के बयानों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने Union Minister गजेंद्र सिंह शेखावत और गृह मंत्री अमित शाह के बयानों पर निशाना साधा.

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान पर अशोक गहलोत ने कहा, “उनके बयानों का क्या मतलब है? हम अमित शाह के बयान को गंभीरता से क्यों लें? जहां तक मोदी Government की बात है, इस बार, अगली बार, वे निश्चित रूप से सत्ता से बाहर जाने वाले हैं. इसे तय मान लीजिए, इसे गारंटी समझिए.”

अशोक गहलोत ने कहा, “अमित शाह और क्या कह सकते हैं? देश में स्थिति बेहद गंभीर है. लोकतंत्र को बचाने की जरूरत है. पूरा देश गुस्से से भरा है. India के चुनाव आयोग का रवैया, एसआईआर करना, वोट हटाना, बंगाल में 29 लाख वोट हटाए गए. चुनाव हुए और Supreme Court से भी टिप्पणियां आईं, ‘अगर इस बार नहीं, तो अगली बार वोट देंगे’. इस तरह की टिप्पणियां, देश के लोग कभी नहीं भूल पाएंगे. यह इतनी कठोर, कड़वी और विचारहीन टिप्पणी थी.”

बता दें कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हाल ही में कहा था कि कांग्रेस पार्टी को 2029 के Lok Sabha चुनावों में लगातार चौथी हार का सामना करना पड़ेगा, साथ ही उन्होंने मतदाता सूची के एसआईआर पर विपक्ष के विरोध की आलोचना की थी.

वहीं, गजेंद्र सिंह शेखावत के बयान पर अशोक गहलोत ने कहा, “वे कहते हैं, ‘मैंने चिट्ठी लिखी है’. ऐसा लगता है जैसे लंबे समय से सूखे के हालात हैं और अब वे कह रहे हैं कि उन्होंने चिट्ठी लिखी है. मैं उनके यहां दिए गए बयान की निंदा करता हूं. यह कहना कि सूखा पहले से ही था और अब उन्होंने चिट्ठी लिखी है, एक Union Minister के लिए यह कहना कि चिट्ठी लिखना ही काफी है, इसका क्या मतलब है? इसका मतलब है मामले से पल्ला झाड़ लेना.”

अशोक गहलोत ने कहा कि इसके बजाय उन्हें उन इलाकों का दौरा करना चाहिए जहां सूखे की स्थिति बेहद गंभीर है. उन्होंने कहा, “मैंने व्यक्तिगत रूप से, जब मैं सांसद था, यहां जोधपुर में उनकी जगह पर 20 साल तक दौरा किया है.”

बता दें कि Union Minister गजेंद्र सिंह शेखावत ने टिप्पणी की थी कि Rajasthan में गंभीर सूखे की स्थिति के बारे में चिट्ठी लिखना ही काफी है, जिसकी पूर्व Chief Minister अशोक गहलोत ने कड़ी निंदा की. गहलोत ने शेखावत की आलोचना करते हुए कहा कि लंबे समय से चले आ रहे सूखे के हालात पर केवल चिट्ठी लिखना “मामले से पल्ला झाड़ने” जैसा है, बजाय इसके कि गंभीर रूप से प्रभावित क्षेत्रों का व्यक्तिगत रूप से दौरा किया जाए.

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वीकेयू/एएस

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