‘देश में जो चुनाव हो रहे हैं, वो निष्पक्ष नहीं हैं’, जयराम रमेश का दावा

New Delhi, 29 सितंबर . कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) की Tuesday को हुई बैठक के बाद पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने प्रेस वार्ता कर दावा किया कि देश में हो रहे चुनाव निष्पक्ष नहीं हैं.

कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने कहा कि Lok Sabha में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने सीडब्ल्यूसी की मीटिंग में प्रमुख मुद्दों को उठाया. ‘वोट चोरी’ जैसे खुलासे कांग्रेस पार्टी के कारण हो रहे हैं. राहुल गांधी पिछले दो साल से ‘वोट चोरी’ का मुद्दा उठा रहे हैं. कर्नाटक के महादेवपुरा का चुनाव, Haryana और Maharashtra चुनाव को लेकर उन्होंने सारी जानकारी जनता के सामने रखी. हमारे देश में जो चुनाव हो रहे हैं, वो निष्पक्ष नहीं हैं. यह Government और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के बीच मैच फिक्सिंग वाला चुनाव है. ‘वोट चोरी’ की Government द्वारा जो कानून पारित किए गए और अधिनियम बनाए गए हैं, वो सभी गैरकानूनी हैं.

जयराम रमेश ने आगे कहा कि बैठक में राहुल गांधी ने ये भी कहा है कि कांग्रेस पार्टी की राजनीति सिर्फ विरोध की नहीं, बल्कि प्रतिरोध की भी है. संसद के भीतर हम विरोध करते हैं, सड़कों पर प्रतिरोध करते हैं, और हम आगे भी ये करते रहेंगे.

कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा कि Monday को हमारे कार्यकर्ताओं ने देशभर के 800 जिलों में जबरदस्त विरोध-प्रदर्शन किया. हमारा आंदोलन बहुत जोरदार था. हमारे सभी वरिष्ठ नेता, डीसीसी अध्यक्ष और देश भर के अन्य नेता सड़कों पर उतरे थे. रिपोर्ट और आंकड़ों से पता चलता है कि एसआईआर के दौरान वोटर लिस्ट से 13 करोड़ से ज्यादा वोट हटा दिए गए हैं. हम जमीनी स्तर पर इन वोटरों तक पहुंचेंगे. इसलिए, हम इसके लिए एक अच्छी तरह से तैयार किया गया अभियान चलाएंगे.

उन्होंने सीडब्ल्यूसी की बैठक के बारे में कहा कि राहुल गांधी ने हमें 1930 के लाहौर कांग्रेस अधिवेशन की याद दिलाई. उस समय, जब अंग्रेजों ने इंडियन नेशनल कांग्रेस को प्रांतीय स्वायत्तता देने से भी इनकार कर दिया था, तो हमने ‘पूर्ण स्वराज’ के लिए आंदोलन शुरू करने का फैसला किया था. जब भी मौजूदा Government देश के लोगों की आवाज सुनने या उनकी मांगों पर ध्यान देने से इनकार करती है, तो लोकतंत्र में विश्वास रखने वाली पार्टियों के पास आगे बढ़ने का एक ही रास्ता होता है, विरोध करना. इसलिए, हम पूरे देश में शांतिपूर्ण प्रदर्शनों और शांतिपूर्ण आंदोलनों के जरिए विरोध करने जा रहे हैं.

उन्होंने कहा कि मांग है कि सीईसी का तुरंत इस्तीफा होना चाहिए, जिन्होंने अपनी सारी नैतिक और संस्थागत विश्वसनीयता खो दी है. एसआईआर के जरिए तैयार की जा रही वोटर लिस्ट की निष्पक्षता और पारदर्शिता और खुद इसकी संवैधानिक वैधता को लेकर गंभीर चिंताओं के कारण इसे तुरंत सस्पेंड किया जाए. वोटर लिस्ट से हटाए गए 13 करोड़ 30 लाख नामों को तुरंत बहाल किया जाए.

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डीकेएम/एबीएम

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