
रांची, 5 अक्टूबर . कांग्रेस नेता राकेश सिन्हा ने भाजपा पर देश के वास्तविक मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि देश का मुद्दा जनसंख्या या बच्चे पैदा करना नहीं है बल्कि इस समय प्रमुख मुद्दे वोट चोरी, राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी और ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे से जुड़े सवाल हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि इन मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए भाजपा के नेता अलग-अलग विषयों को सामने लाते रहते हैं.
कांग्रेस नेता राकेश सिन्हा ने से बात करते हुए कहा कि कांग्रेस ने हमेशा संवैधानिक संस्थाओं को उनके दायित्व और जिम्मेदारियों का स्वतंत्र रूप से निर्वहन करने का अवसर दिया है. उन्होंने कहा, “अगर कांग्रेस संवैधानिक संस्थाओं को स्वतंत्र रूप से अपना दायित्व निभाने नहीं देती, तो Narendra Modi आज देश के Prime Minister नहीं बन पाते.”
कांग्रेस नेता ने कैप्टन स्मित मच्छार के साहस की भी सराहना की. उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे सहित पूरी पार्टी ने स्मित मच्छार के साहसिक कार्य के लिए उन्हें बधाई दी है. उन्होंने कहा कि किसी के सम्मान का प्रदर्शन केवल पोस्टर या मार्केटिंग के जरिए नहीं किया जाता बल्कि सम्मान दिल से होना चाहिए. कांग्रेस स्मित मच्छार का सम्मान करती है.
चुनाव बहिष्कार के सवाल पर राकेश सिन्हा ने कहा कि चुनाव का बहिष्कार लोकतंत्र को मजबूत करने का रास्ता नहीं है. यदि चुनाव का बहिष्कार किया जाता है तो इससे लोकतंत्र पर सवाल खड़े होते हैं. लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए चुनाव का बहिष्कार करने के बजाय चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष बनाने के लिए संघर्ष किया जाना चाहिए.
उन्होंने कहा कि देश के युवा भी निष्पक्ष चुनाव के लिए संघर्ष कर रहे हैं और उन्हें उम्मीद है कि इस संघर्ष का परिणाम मिलेगा. ज्ञानेश कुमार को लेकर उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी “चोरी पकड़ी गई है” और कहा कि किसी प्रक्रिया का बहिष्कार करना लोकतांत्रिक समाधान नहीं है.
Pakistan के साथ संबंधों और आतंकवाद के मुद्दे पर भी कांग्रेस नेता ने केंद्र Government पर निशाना साधा. उन्होंने सवाल किया कि Prime Minister मोदी Pakistan के साथ बातचीत और संबंधों को लेकर अलग-अलग समय पर अलग-अलग रुख क्यों अपनाते रहे हैं. उन्होंने Prime Minister के Pakistan दौरे और वहां बिरयानी खाने का जिक्र करते हुए कहा कि इसके बावजूद देश में कई बार आतंकी घटनाएं हुईं.
राकेश सिन्हा ने कहा कि Prime Minister मोदी ने एक के बदले दस सिर लाने की बात कही थी लेकिन बाद की परिस्थितियों को लेकर उन्होंने Government पर सवाल उठाए. उन्होंने आरोप लगाया कि जब भारतीय सेना Pakistan की धरती पर कार्रवाई कर रही थी और बड़ी संख्या में आतंकियों को निशाना बनाया जा रहा था, तब Government ने कथित तौर पर पीछे हटने का फैसला किया. यदि Government ने उस समय “सरेंडर” किया, तो उसे बाकी मुद्दों पर भी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए.
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एसएके/पीएम