भाजपा एफआईआर दर्ज कर राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की आवाज नहीं दबा सकती: कांग्रेस

New Delhi, 7 अक्टूबर . मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर इंडिया ब्लॉक के विरोध और राहुल गांधी सहित अन्य नेताओं के खिलाफ First Information Report दर्ज करने पर कांग्रेस सांसद अमर सिंह, कांग्रेस नेता उदित राज, Jharkhand मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) नेता मनोज पांडे और कांग्रेस नेता रमेश बाबू ने प्रतिक्रिया दी.

कांग्रेस नेता रमेश बाबू ने से बातचीत में कहा, “भाजपा वाले कांग्रेस पार्टी या उसके नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की आवाज नहीं दबा सकते. हम एक लोकतांत्रिक व्यवस्था में हैं और लोकतंत्र में हमें विरोध करने का अधिकार है. मुख्य चुनाव आयुक्त का इस्तेमाल करके भाजपा जो गैर-कानूनी काम कर रही है, उसने ‘इंडिया’ ब्लॉक के बैनर तले कांग्रेस पार्टी के विरोध प्रदर्शन में बाधा डाली है. अब वे First Information Report दर्ज करके कांग्रेस पार्टी के नेताओं की आवाज दबाने की कोशिश कर रहे हैं. हम जानते हैं कि ऐसी एसी First Information Report का सामना कैसे करना है और यह कांग्रेस पार्टी के खून में है. हमने आंदोलनों के जरिए India की आजादी के लिए लड़ाई लड़ी थी और अब हम उसी आंदोलन को जारी रखे हुए हैं. “

कांग्रेस नेता रमेश बाबू ने कहा, “कांग्रेस पार्टी जानती है कि किन हालात में हमें चुनाव आयोग और ज्ञानेश कुमार के पास जाना पड़ता है. हमें भाजपा से सीखने की जरूरत नहीं है. अगर वे चाहें, तो ज्ञानेश कुमार के साथ डिनर कर सकते हैं और उन्हें गाइड कर सकते हैं.”

डीएमके प्रवक्ता टीकेएस इलांगोवन ने कहा, “Government के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन करना उन लोगों का अधिकार है जिन्होंने उसे सत्ता में चुना है. अगर Government कुछ काम करने में नाकाम रही है, तो नागरिकों को विरोध करने का अधिकार है. वे अपने Political फायदे के लिए चुनाव आयोग का गलत इस्तेमाल नहीं कर सकते.”

झामुमो नेता मनोज पांडेय ने कहा, “देश के लोगों को वोट देने का मौलिक अधिकार है. इस अधिकार से वंचित करना, देशद्रोह की श्रेणी में आता है. वर्तमान में 102 करोड़ मतदाता है लेकिन एसआईआर के बाद 87 करोड़ मतदाता रह गए. बाकी के 14 करोड़ वोटर कहां गए? विपक्ष अब पूरी तरह मुस्तैद है और लड़ाई अंतिम मुकाम तक पहुंचाई जाएगी. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटना होगा.”

कांग्रेस सांसद अमर सिंह ने चुनाव आयोग के बयान ‘विपक्ष द्वारा मिलने का अनुरोध नहीं मिला’ पर कहा, “यह तो बहानेबाजी है. सारी दुनिया को पता था कि दो-तीन सौ सदस्य पैदल आ रहे हैं. यह कौन सी बात हुई? मैं खुद डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट रहा हूं. जब कोई डेलिगेशन या कोई एजिटेशन होती है तो Police का ऑफिसर आकर कह देता है कि साहब, वह ऐसे-ऐसे कर रहे हैं, तो सभी मिनिस्टर्स, डीएम कहते हैं कि ठीक है, एक डेलिगेशन अंदर ले आओ.”

कांग्रेस नेता उदित राज ने भाजपा के आरोप ‘कांग्रेस फर्जी वोटर्स को जुड़वाना चाहती है’ पर कहा, “इसका जवाब दे पाएंगे, जो 38 लाख वोटर्स वोट दे नहीं पाए? फिर जो Supreme Court के द्वारा ट्रिब्यूनल बनाए गए, हियरिंग में लगभग 1 लाख वोटर्स का एग्जामिनेशन हुआ या चेक किया गया, 93 प्रतिशत सही पाए गए. 38 लाख में 93 प्रतिशत का वोट न देने का मतलब क्या है?”

उदित राज ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विपक्ष के मार्च पर कहा, “चुनाव आयोग तक राहुल गांधी को प्रियंका को जाने नहीं दिया. जाने देने में क्या दिक्कत होती? क्योंकि मुख्य चुनाव आयुक्त को डिफेंड करने में भाजपा की रुचि ज्ञानेश से भी ज्यादा है. Supreme Court ने भी उधर खुलासा किया है कि फॉर्म-6 में परिवर्तन के लिए वहां से कोई आदेश नहीं था, इलेक्शन कमीशन ने झूठ बोला था.”

कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने कहा, “ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा होना चाहिए. उनको बर्खास्त किया जाना चाहिए. राजद्रोह के मामले में उनको जेल जाना चाहिए क्योंकि उन्होंने वोट चोरी करके देशद्रोह किया है, देशवासियों के साथ द्रोह किया है. नल, नील, कोल, भील, पिछड़े, दलित, आदिवासी, महिला, नौजवान, किसान, अल्पसंख्यक, पीड़ित, शोषित, वंचितों के अधिकार पर डाका डाला है. ऐसे डाकू और ऐसे लुटेरे जिन लोगों के लिए भी काम करते हैं, उनके समेत सब लोगों को राजद्रोह की धाराओं में जेल जाना होगा.”

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ओपी/पीएम

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