
New Delhi, 27 सितंबर . दिल्ली Government के मंत्री प्रवेश वर्मा द्वारा आम आदमी पार्टी के एक कार्यकर्ता को थप्पड़ मारने के मामले ने Political तूल पकड़ लिया है. घटना को लेकर आप ने मंत्री के खिलाफ First Information Report दर्ज करने की मांग की है.
आप पार्टी नेताओं का आरोप है कि First Information Report दर्ज कराने की मांग को लेकर Police अधिकारियों के पास पहुंचे आप नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया तथा उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया. दूसरी ओर, प्रवेश वर्मा ने घटना पर खेद जताते हुए आरोप लगाया कि मौके पर मौजूद आप समर्थकों ने Governmentी काम में बाधा डाली और उनके परिवार को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की.
आप विधायक कुलदीप कुमार ने social media प्लेटफॉर्म एक्स पर दिल्ली Police की कार्रवाई की आलोचना की. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रवेश वर्मा के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने वाले प्रदर्शनकारियों के साथ Police ने मारपीट की. कुलदीप कुमार ने मंत्री के खिलाफ First Information Report दर्ज करने की मांग भी दोहराई.
आप नेता सौरभ भारद्वाज ने भी एक्स पर कहा कि एक युवक को थप्पड़ मारे जाने के बावजूद प्रवेश वर्मा के खिलाफ First Information Report दर्ज नहीं की गई. भारद्वाज के मुताबिक, जब पार्टी नेता और कार्यकर्ता इस मुद्दे पर जवाब मांगने डीसीपी कार्यालय पहुंचे तो Police ने उन्हें हिरासत में ले लिया. भारद्वाज ने सवाल उठाया कि यदि घटना Policeकर्मियों की मौजूदगी में हुई और इसका वीडियो भी उपलब्ध है, तो मंत्री के खिलाफ अभी तक प्राथमिकी क्यों दर्ज नहीं की गई.
आम आदमी पार्टी ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट से भी घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए आरोप लगाया कि विकासपुरी में सड़क निर्माण की गुणवत्ता और भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाने वाले युवक को मंत्री ने थप्पड़ मारा. पार्टी ने दावा किया कि बाद में मंत्री के खिलाफ First Information Report दर्ज कराने पहुंचे सौरभ भारद्वाज और अन्य कार्यकर्ताओं को दिल्ली Police ने हिरासत में लिया.
आप ने Police पर महिला कार्यकर्ताओं के साथ अभद्रता करने का आरोप भी लगाया. इन आरोपों पर दिल्ली Police का पक्ष उपलब्ध कराई गई सामग्री में नहीं है.
आप सांसद संजय सिंह ने समाचार एजेंसी से बातचीत में घटना को लेकर भाजपा Government पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि दिल्ली में आप की दस साल की Government के दौरान मंत्री जनता की समस्याएं सुनते थे और उनके समाधान का प्रयास करते थे.
संजय सिंह ने आरोप लगाया कि सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाए जाने के बाद संबंधित युवक के साथ मारपीट की गई. उन्होंने कहा कि यदि निर्माण कार्य को लेकर कोई शिकायत थी तो मंत्री को अधिकारियों से जांच करानी चाहिए थी.
उन्होंने Prime Minister Narendra Modi के सार्वजनिक जीवन में आचरण और भाषा से जुड़े संदेशों का उल्लेख करते हुए भाजपा नेतृत्व पर भी सवाल उठाए और कहा कि ऐसी सीख सबसे पहले अपने मंत्रियों को दी जानी चाहिए.
विवाद बढ़ने के बाद मंत्री प्रवेश वर्मा ने social media पर अपना पक्ष रखते हुए घटना पर खेद व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि घटना के पीछे की पूरी परिस्थितियों को समझा जाना चाहिए, लेकिन साथ ही स्वीकार किया कि जो हुआ वो नहीं होना चाहिए था.
उन्होंने आरोप लगाया कि आप से जुड़े लोग विकासपुरी इलाके में निर्माणाधीन सड़क को जानबूझकर नुकसान पहुंचाकर उसकी गुणवत्ता को लेकर भ्रामक अभियान चला रहे थे. उन्होंने यह दावा भी किया कि संबंधित ठेकेदार से रिश्वत मांगी गई थी और ठेकेदार ने इस संबंध में Police में शिकायत की है.
मंत्री के मुताबिक, सड़क निर्माण की गुणवत्ता को लेकर उठे सवालों की जांच के लिए पीडब्ल्यूडी गुणवत्ता ऑडिट और जांच कराएगा. आरोप लगाया कि मौके पर पहुंचे कुछ लोगों ने Governmentी कामकाज में बाधा डाली और उनके परिवार को लेकर आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया. उन्होंने कहा कि Governmentी कार्य में बाधा, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने या अधिकारियों और ठेकेदारों पर अनुचित दबाव डालने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
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एएमटी/वीसी