
New Delhi, 7 सितंबर . दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत हादसे को लेकर India स्थित बांग्लादेश उच्चायोग ने दुख जताते हुए पीड़ितों के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट की. इस दुखद हादसे में अब तक छह लोगों की मौत हो चुकी है. कई अन्य लोगों के मलबे में फंसे होनी के आशंका अभी भी जताई जा रही है. फिलहाल 11 लोगों को बचा लिया गया है.
उच्चायोग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पोस्ट में दुखद घटना गहरा दुख व्यक्त किया और पीड़ितों के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट कीं. उच्चायोग ने पोस्ट में लिखा, ”इस दुखद हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों और उनके प्रियजनों के प्रति हम अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं. हमारी प्रार्थनाएं और शुभकामनाएं घायल लोगों के साथ हैं. साथ ही, उन लोगों के लिए भी हैं जिनके अभी भी मलबे में फंसे होने की आशंका है. इस कठिन समय में बांग्लादेश उच्चायोग इस दुखद दुर्घटना से प्रभावित और संकट का सामना कर रहे सभी महिलाओं, पुरुषों और बच्चों के साथ एकजुटता से खड़ा है.”
सत्य निकेतन में इमारत ढहने के बाद रातभर राहत और बचाव अभियान जारी रहा. Monday सुबह भी दिल्ली Police, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ), दिल्ली अग्निशमन सेवा और दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की टीमें अभियान में जुटी हैं. मलबा उठाने का काम भी जारी है. अधिकारियों ने बताया कि मलबे में अभी भी कई लोगों, जिनमें अधिकतर छात्र हैं, के फंसे होने की आशंका है और उन्हें सुरक्षित निकालने के प्रयास जारी हैं.
बता दें कि यह हादसा Sunday दोपहर 1.30 बजे हुआ. उस समय बेसमेंट में मरम्मत का काम चल रहा था. अधिकारियों ने यह भी आशंका जताई कि भारी बारिश भी इस घटना का कारण हो सकती है.
लगभग 40-50 साल पुरानी इस इमारत में एक बेसमेंट और पांच ऊपरी मंजिलें थीं. इसका इस्तेमाल छात्रों के लिए पीजी के तौर पर किया जा रहा था, जिनमें से कई छात्र दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस में पढ़ाई कर रहे थे. Police ने बताया कि परिसर में लगभग 40 लोगों के ठहरने के कमरे बने थे.
वहीं, Sunday को दिल्ली की Chief Minister रेखा गुप्ता ने बहुमंजिला इमारत के ढहने की घटना की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए. घटनास्थल का मुआयना करने के बाद Chief Minister ने अधिकारियों को इमारत गिरने के कारणों की विस्तृत जांच करने का निर्देश दिया और इमारत के मालिक के खिलाफ First Information Report दर्ज करने का आदेश दिया. Chief Minister ने कहा कि दोषियों के खिलाफ कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
रेखा गुप्ता ने घटनास्थल पर स्थिति का जायजा लेने के बाद कहा, “इस गंभीर घटना के लिए जिम्मेदार पाए जाने वालों को पूरी तरह से जवाबदेह ठहराया जाएगा और कानून के कड़े प्रावधानों के तहत उनसे निपटा जाएगा.”
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एवाई/पीएम