
New Delhi, 1 सितंबर . दिल्ली में बदलते मौसम के बीच डेंगू, वायरल बीमारियों, प्रदूषण, टूटी सड़कों और सफाई व्यवस्था को लेकर नगर निगम की स्टैंडिंग कमेटी की बैठक में विस्तार से चर्चा हुई. बैठक में अधिकारियों को साफ-सफाई, फॉगिंग और कीटनाशक छिड़काव में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए गए. वहीं, बैठक के दौरान टेंडर, लेगेसी वेस्ट, टोल टैक्स समेत कई मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली.
एमसीडी स्टैंडिंग कमेटी के चेयरमैन सत्या शर्मा ने कहा कि लंबे समय बाद हुई बैठक में जनजनित और मौसमी बीमारियों के मुद्दे पर गंभीर चर्चा हुई. बारिश के मौसम में वायरल और बुखार जैसी बीमारियों को देखते हुए निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं. दिल्ली के सभी इलाकों में नियमित फॉगिंग और छिड़काव सुनिश्चित करने को कहा गया है. साथ ही, सफाई व्यवस्था में किसी भी तरह की कोताही नहीं बरतने के निर्देश दिए गए हैं.
उन्होंने कहा कि दिल्ली को साफ और स्वच्छ रखने के लिए नगर निगम ने कार्यक्रम और शेड्यूल तैयार किए हैं. निगम का प्रयास है कि मौजूदा मौसम में फैलने वाली बीमारियों को नियंत्रित किया जा सके. बैठक में सर्दियों से पहले प्रदूषण की संभावित समस्या को लेकर भी चर्चा हुई. अक्टूबर के बाद प्रदूषण की स्थिति को देखते हुए अभी से तैयारियां की जा रही हैं. टूटी सड़कों की मरम्मत और पार्किंग के कच्चे हिस्सों को दुरुस्त करने पर ध्यान दिया जाएगा. निर्माण स्थलों पर भी उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की जरूरत है ताकि धूल और अन्य प्रदूषक तत्वों को नियंत्रित किया जा सके.
इसके अलावा, सड़क किनारे पड़े ठोस कचरे और जगह-जगह जमा कूड़े को हटाने के लिए विशेष कार्यक्रम चलाने की बात कही गई. अतिक्रमण के खिलाफ भी कार्रवाई करते हुए सड़क किनारे की जगहों को साफ कराने की योजना है.
एमसीडी में नेता विपक्ष प्रवीण कुमार ने बैठक में कई प्रस्तावों पर गंभीर सवाल उठाए. उन्होंने आरोप लगाया कि निगम में नियमों के मुताबिक काम नहीं हो रहा है और कई टेंडर प्रक्रियाओं में अनियमितताएं हैं. प्रवीण कुमार ने जमा कचरे के निस्तारण से जुड़े प्रस्तावों का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि इस काम पर हर साल करीब 600-650 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं. उनका दावा है कि जिस काम के लिए टेंडर होना चाहिए था, उसे पुरानी कंपनी को बिना उचित टेंडर प्रक्रिया के दिया गया.
प्रवीण कुमार ने टोल टैक्स और ईसीसी से जुड़े प्रस्ताव पर भी आपत्ति जताई. उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया में बड़े स्तर पर वित्तीय अनियमितताएं हुई हैं और इससे निगम को राजस्व का नुकसान हो रहा है. उन्होंने एक निजी कंपनी को काम दिए जाने का जिक्र करते हुए करीब 2,500 करोड़ रुपए के कथित भ्रष्टाचार का आरोप लगाया. साथ ही उन्होंने दावा किया कि ईसीसी से संबंधित व्यवस्था में भी निगम को करीब 411 करोड़ रुपए का राजस्व नुकसान हो रहा है.
प्रवीण कुमार ने कहा कि वह इन आरोपों को लेकर केंद्रीय जांच एजेंसी और भ्रष्टाचार निरोधक व्यवस्था के समक्ष शिकायत करने की तैयारी कर रहे हैं. टोल टैक्स और ईसीसी से जुड़े मामले में वह व्यक्तिगत तौर पर जांच की मांग करेंगे. कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय निजी कंपनियों को काम देने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने इसे कर्मचारियों के हितों के खिलाफ बताया. उन्होंने यह भी दावा किया कि चीफ टाउन प्लानर (सीटीपी) से जुड़े विभाग में बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार हो रहा है और वह इस मामले में भी जांच की मांग करेंगे.
स्टैंडिंग कमेटी चेयरमैन सत्या शर्मा ने निगम की प्राथमिकताओं पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि एमसीडी का मुख्य फोकस दिल्ली की सफाई, स्वास्थ्य और प्रदूषण नियंत्रण पर है. निगम के सभी अधिकारी और कर्मचारी इस दिशा में काम कर रहे हैं. बारिश के बाद मच्छरों से फैलने वाली बीमारियों को रोकने के लिए फॉगिंग और छिड़काव पर विशेष ध्यान दिया जाएगा. आने वाले समय में प्रदूषण को देखते हुए सड़क, कचरा, निर्माण स्थल और अतिक्रमण जैसे मुद्दों पर भी कार्रवाई की जाएगी.
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पीएसके/एबीएम