‘दिमागी नक्सल वो होम्योपैथिक गोली जिसने सबको बाहर निकाल दिया, पीएम मोदी का विपक्ष पर तंज

उन्होंने युवाओं से एक संकल्प लेने का आग्रह किया: “दुनिया की ग्लोबल फर्में हमारी क्यों नहीं हो सकतीं? हम गर्व से कहते हैं कि भारतीय दुनिया की शीर्ष कंपनियों का नेतृत्व कर रहे हैं, तो वे कंपनियां भारतीय क्यों नहीं हैं?”

अपने संबोधन के अंत में Prime Minister ने कहा, “नाव भी हमारी, नाविक भी हमारा. लहरों पर जीत लिखने का हौसला भी हमारा. उड़ान भी हमारी, हवाओं का सामना करने का जुनून भी हमारा. सपना भी हमारा, संकल्प भी हमारा. आत्मनिर्भर India का संकल्प भी हमारा. विकसित India के मार्ग पर हमारा हर कदम भी हमारा हो.”

डीएससी

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