
New Delhi, 8 अक्टूबर . दवाओं की बिक्री को बढ़ावा देने के लिए फार्मा कंपनियों द्वारा डॉक्टरों को महंगे तोहफे और सुविधाएं देने की प्रथा पर रोक लगाने के लिए Supreme Court ने बड़ा कदम उठाया है. Supreme Court ने केंद्र Government को एक विशेष कमेटी का गठन करने और उसकी रिपोर्ट कोर्ट में पेश करने का आदेश दिया है.
यह मामला फेडरेशन ऑफ मेडिकल एंड सेल्स रिप्रेजेंटेटिव एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एफएमआरएआई) की ओर से दायर की गई याचिका से जुड़ा है. यह याचिका साल 2021 में दायर की गई थी. याचिका में मांग की गई थी कि दवाओं की बिक्री बढ़ाने के लिए डॉक्टरों को उपहार देने वाली दवा कंपनियों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए और इस अनैतिक मार्केटिंग प्रैक्टिस पर सख्त कानून बनाया जाना चाहिए.
याचिका में आरोप लगाया गया था कि कई दवा कंपनियां अपने उत्पादों की बिक्री बढ़ाने के लिए डॉक्टरों को महंगे गिफ्ट, विदेश यात्रा, कैश और अन्य सुविधाएं देती हैं, जिसके कारण मरीजों को महंगी और कई बार गैर जरूरी दवाएं लिखी जाती हैं. इससे सीधे तौर पर आम जनता के स्वास्थ्य और जेब पर असर पड़ता है.
इस मामले पर पिछली सुनवाई के दौरान केंद्र Government ने कोर्ट से इस मुद्दे पर नियम बनाने के लिए अतिरिक्त समय मांगा था. केंद्र ने कहा था कि वह इस मामले में एक रूपरेखा तैयार कर रहा है.
इस पर सुनवाई करते हुए Supreme Court ने स्पष्ट आदेश जारी किया है. कोर्ट ने कहा है कि केंद्र Government एक कमेटी बनाए. इस कमेटी का मुख्य काम दवा कंपनियों द्वारा की जाने वाली गलत और अनैतिक मार्केटिंग को रोकने के लिए कानूनी नियम बनाने को लेकर अपने सुझाव देना होगा.
Supreme Court ने कहा कि केंद्र Government एक कमेटी का गठन करेगी, जो दवा कंपनियों की मार्केटिंग प्रैक्टिस को रेगुलेट करने के लिए सुझाव देगी. इसके साथ ही यह कमेटी डॉक्टरों को महंगे गिफ्ट या अन्य फायदे देने जैसी अनैतिक गतिविधियों को रोकने के लिए कानूनी प्रावधानों पर अपनी सिफारिशें तैयार करेगी और कमेटी इस मुद्दे पर आम लोगों, विशेषज्ञों और संबंधित संस्थाओं द्वारा दिए गए सुझावों और आपत्तियों पर भी विचार करेगी. इसके बाद अपनी अंतिम सिफारिशें केंद्र Government को सौंपेगी. साथ ही, केंद्र Government को इस आदेश पर की गई कार्रवाई को लेकर कोर्ट में हलफनामा दाखिल करना होगा.
Supreme Court ने इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 29 जनवरी की तारीख तय की है. इस दिन केंद्र Government को बताना होगा कि कमेटी के गठन और नियम बनाने को लेकर क्या प्रगति हुई है.
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एसएके/पीएम