
कोलकाता, 29 अगस्त . कोलकाता Police ने कोलकाता के कैमक स्ट्रीट स्थित डायमंड हार्बर सांसद अभिषेक बनर्जी के घर की छत से अवैध बिलबोर्ड हटाए जाने को लेकर हुए विवाद के सिलसिले में तृणमूल कांग्रेस के एक कार्यकर्ता को गिरफ्तार किया है.
गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान तौफिक के रूप में हुई है.
शहर के एक Police अधिकारी के अनुसार, गिरफ्तार व्यक्ति ने Thursday को कोलकाता नगर निगम (केएमसी) और Police कर्मियों के लिए बाधा उत्पन्न करने में मुख्य भूमिका निभाई.
तौफिक को शहर की Police के जासूस विभाग की एक शाखा, एंटी-रॉडी स्क्वाड (एआरएस) के जासूसों ने गिरफ्तार किया था.
तौफिक को गिरफ्तार करने के बाद एआरएस के अधिकारियों ने उसे शेक्सपियर सरानी Police स्टेशन के Policeकर्मियों के हवाले कर दिया है, जहां दोपहर में बिलबोर्ड विवाद के संबंध में तीन First Information Report दर्ज की गई हैं.
तौफिक की गिरफ्तारी के साथ ही इस मामले में गिरफ्तारियों की कुल संख्या बढ़कर 14 हो गई है.
इसी मामले में Police द्वारा पहले गिरफ्तार किए गए 13 व्यक्तियों को Friday को कोलकाता की निचली अदालत में पेश किया गया और उस अदालत के न्यायाधीश ने उन्हें 3 सितंबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया. इन 13 व्यक्तियों के वकीलों द्वारा दायर जमानत याचिकाएं खारिज कर दी गईं.
शेक्सपियर सरानी Police स्टेशन में दर्ज तीन First Information Report में से एक उसी Police स्टेशन के एक Police अधिकारी द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर, दूसरी पास के पार्क स्ट्रीट Police स्टेशन में तैनात एक Policeकर्मी द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर और तीसरी केएमसी द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर दर्ज की गई थी.
शेक्सपियर सरानी Police स्टेशन और केएमसी के अधिकारियों द्वारा दर्ज की गई शिकायतों के आधार पर दर्ज की गई दो First Information Report में पूर्व Chief Minister ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी, तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य डेरेक ओ’ब्रायन और हुमायूं कबीर और बैश्वनार चटर्जी जैसे पार्टी नेताओं को नामजद किया गया है.
अभिषेक बनर्जी के कैमक स्ट्रीट स्थित कार्यालय के सामने उस समय तनाव फैल गया, जब कोलकाता Police कर्मियों के साथ केएमसी अधिकारी अवैध बिलबोर्ड को हटाने के लिए वहां पहुंचे.
अभिषेक बनर्जी, ओ’ब्रायन और उनके अन्य तृणमूल कांग्रेस सहयोगियों ने केएमसी कर्मचारियों और Police कर्मियों का रास्ता रोक दिया. वहीं, डायमंड हार्बर सांसद ने बिलबोर्ड हटाने के केएमसी के आदेश की कानूनी वैधता को चुनौती दी.
डायमंड हार्बर के Lok Sabha सांसद ने कहा कि नोटिस अमान्य था क्योंकि आदेश की प्रति के साथ बिलबोर्ड की तस्वीर संलग्न नहीं थी.
केएमसी के अधिकारी संशोधित आदेश प्राप्त करने के लिए वापस लौटे.
वे जल्द ही संशोधित आदेश लेकर लौटे और इस बार Police ने पूरे इलाके को घेर लिया. इसके बाद केएमसी के अधिकारी Policeकर्मियों के साथ इमारत की छत पर सीढ़ियां चढ़कर बिलबोर्ड हटाने के लिए पहुंचे.
अभिषेक बनर्जी के सहयोगियों ने सीढ़ियों पर मानव दीवार बनाकर उनका रास्ता रोकने की कोशिश की. रास्ता रोकने वालों में तृणमूल की कुछ महिला कार्यकर्ता भी शामिल थीं.
इसके बाद Police और तृणमूल समर्थकों के बीच झड़प हुई.
Police ने केएमसी अधिकारियों के लिए छत तक पहुंचने, बिलबोर्ड को तोड़ने और उसे हटाने का रास्ता साफ कर दिया.
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एसएचके/डीकेपी