तमिलनाडु मतदाता सूची विवाद पर डीएमके ने राहुल गांधी के रुख पर उठाए सवाल

चेन्नई, 6 अक्टूबर . Tuesday को डीएमके ने Lok Sabha में विपक्ष के नेता (एलओपी) राहुल गांधी के तमिलनाडु में कथित मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के मुद्दे पर सवाल उठाए. वहीं दूसरी ओर, इंडिया ब्लॉक के नेताओं ने New Delhi में चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया.

डीएमके प्रवक्ता सरवनन अन्नादुरई ने राहुल गांधी पर मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया पर असंगत रुख अपनाने का आरोप लगाया और सवाल किया कि तमिलनाडु में हो रहे घटनाक्रम को चुनाव आयोग के खिलाफ व्यापक अभियान के बराबर तवज्जो क्यों नहीं मिली.

एक्स पर एक पोस्ट में, अन्नादुरई ने राहुल गांधी से एसआईआर प्रक्रिया के दौरान तमिलनाडु की मतदाता सूची से कथित तौर पर हटाए गए नामों के आरोपों पर अपना रुख स्पष्ट करने को कहा.

उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या कांग्रेस नेता ने Chief Minister विजय के कारण इस मुद्दे को उठाने से परहेज किया है.

इस आलोचना ने तमिलनाडु के Political मुकाबले को चुनावी जवाबदेही पर केंद्रित व्यापक विपक्षी अभियान के दायरे में ला दिया है.

अन्नादुराई का हस्तक्षेप राष्ट्रीय स्तर पर चुनाव आयोग के आचरण पर केंद्रित होने के बजाय तमिलनाडु में चुनावी पुनरीक्षण प्रक्रिया पर राहुल गांधी की प्रतिक्रिया पर केंद्रित था.

डीएमके प्रवक्ता ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के उस बयान का भी जिक्र किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि एसआईआर प्रक्रिया के बाद चुनी गई Governmentों को भंग कर देना चाहिए.

उन्होंने स्पष्टीकरण मांगा कि राहुल गांधी ने सार्वजनिक रूप से इस रुख का समर्थन क्यों नहीं किया और क्या यह रुख तमिलनाडु पर भी लागू होगा.

उनके इस बयान का सीधा मतलब यह था कि कांग्रेस विभिन्न राज्यों में मतदाता सूची संशोधन के मुद्दे पर एक समान रुख कैसे बनाए रखेगी.

मतदाताओं के नाम हटाने के आरोप एक चल रहे Political विवाद का हिस्सा हैं.

डीएमके ने Tuesday को New Delhi में हुए विरोध प्रदर्शन में भाग नहीं लिया, जबकि आम आदमी पार्टी (आप) भी प्रदर्शन से दूर रही.

आप ने कहा कि वह इस मुद्दे पर अपना अभियान चला रही है.

दोनों पार्टियों की अनुपस्थिति ने विपक्ष के भीतर विरोध प्रदर्शन की रणनीति और प्रारूप को लेकर मतभेदों को उजागर किया.

यह असहमति 30 सितंबर को New Delhi में आयोजित इंडिया ब्लॉक की बैठक के बाद सामने आई है, जिसमें मतदाता सूचियों में अनियमितताओं के आरोपों पर चर्चा की गई. इस दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त से संबंधित मांगों सहित एक साझा प्रतिक्रिया तैयार करने पर विचार किया गया.

डीएमके और आम आदमी पार्टी ने भी इस बैठक में भाग नहीं लिया था.

इन दोनों दलों की अनुपस्थिति और अन्नादुरई की टिप्पणियों से स्पष्ट होता है कि इस मुद्दे पर विपक्ष का एक एकीकृत रुख अपनाना चुनौतीपूर्ण है.

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एमएस/

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