तमिलनाडु: डेंगू के बढ़ते मामलों के बीच अस्पतालों में बढ़ाए गए बेड

चेन्नई, 28 सितंबर . पूर्वोत्तर मानसून से पहले तमिलनाडु में डेंगू और दूसरे वायरल संक्रमण के मामलों में बढ़ोतरी के कारण अस्पतालों में इलाज के लिए आने वाले मरीजों की संख्या बढ़ गई है. इसे देखते हुए राज्यभर के अस्पताल बुखार के मरीजों के इलाज के लिए सुविधाएं बढ़ा रहे हैं.

चेन्नई के एग्मोर स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ चाइल्ड हेल्थ एंड हॉस्पिटल फॉर चिल्ड्रेन में बुखार से पीड़ित बच्चों के लिए 60 बेड का एक नया वार्ड शुरू किया जाना है. इससे अस्पताल के मौजूदा वार्डों पर दबाव कम करने में मदद मिलेगी.

शहर के निजी अस्पतालों में भी सांस से जुड़ी बीमारियों, इन्फ्लूएंजा और डेंगू के मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है. अस्पतालों के ओपीडी और वार्डों में भीड़ बढ़ गई है. कुछ अस्पतालों में मरीजों को बेड मिलने के लिए 12 घंटे तक इंतजार करना पड़ा है.

डॉक्टरों का कहना है कि उनके पास आ रहे संक्रमण के ज्यादातर मामले हल्के हैं, लेकिन मरीजों की बढ़ती संख्या के कारण अस्पतालों की सुविधाओं पर दबाव बढ़ गया है.

तमिलनाडु में इस साल Sunday तक डेंगू के करीब 19 हजार मामले सामने आए हैं और नौ लोगों की मौत हुई है. चेन्नई, कोयंबटूर, सलेम, तिरुवल्लूर और चेंगलपट्टू उन जिलों में शामिल हैं, जहां बुखार के ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं.

राज्य में अब तक करीब 2.24 लाख डेंगू जांच की गई हैं. इसके साथ ही 5,818 Governmentी और निजी स्वास्थ्य केंद्रों के जरिए बुखार के मामलों पर नजर रखी जा रही है. जमीनी स्तर पर निगरानी और जरूरी कार्रवाई के लिए 26,300 से ज्यादा स्वास्थ्यकर्मियों को तैनात किया गया है.

चेन्नई में सितंबर के पहले 20 दिनों में बुखार के 3,000 से ज्यादा मामले दर्ज किए गए, जिनमें डेंगू के 180 मामले शामिल थे. अगस्त में शहर में बुखार के करीब 4,500 मामले सामने आए थे, जिनमें 160 डेंगू के थे. अड्यार, अन्ना नगर और वलसरवक्कम में अपेक्षाकृत ज्यादा मामले सामने आए हैं. इसे देखते हुए इन इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है.

रुक-रुककर हो रही बारिश के बाद ग्रेटर चेन्नई कॉरपोरेशन ने अपने सभी 15 जोन में मच्छरों की रोकथाम के लिए अभियान तेज कर दिया है. टीमें घर-घर जाकर जमा पानी और मच्छरों के पनपने वाली दूसरी जगहों को साफ कर रही हैं. इसके साथ ही लार्वा नष्ट करने वाली दवा का इस्तेमाल और फॉगिंग भी की जा रही है.

अधिकारियों को निजी अस्पतालों से बुखार के मामलों की नियमित रिपोर्ट लेने और मरीजों के घरों के आसपास मच्छरों के पनपने वाली जगहों की जांच करने का निर्देश दिया गया है.

राज्य के अन्य हिस्सों में भी Governmentी अस्पताल मरीजों की संख्या बढ़ने की आशंका को देखते हुए तैयारी कर रहे हैं. अस्पतालों में अतिरिक्त बेड, फीवर वार्ड, जांच सुविधाएं, दवाएं और जरूरी उपकरण तैयार रखे जा रहे हैं. तूतीकोरिन के एक Governmentी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में वयस्कों और बच्चों के लिए अलग-अलग डेंगू वार्ड में 100 बेड रखे गए हैं.

स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि डेंगू के मौजूदा मामले मौसम के अनुसार आमतौर पर देखे जाने वाले पैटर्न के अनुरूप हैं और इसे असामान्य रूप से गंभीर प्रकोप नहीं माना जा रहा है.

पूर्वोत्तर मानसून नजदीक आने और इलाज के लिए अस्पताल पहुंच रहे मरीजों की संख्या को देखते हुए अस्पताल और नगर निकाय अतिरिक्त सुविधाएं तैयार रखने के साथ-साथ लगातार निगरानी कर रहे हैं.

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एएमटी/डीकेपी

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