तमिलनाडु: उदयनिधि स्टालिन ने की पूर्णकालिक कृषि सचिव की नियुक्ति की मांग, किसानों की समस्याओं का उठाया मुद्दा

चेन्नई, 6 अक्टूबर . तमिलनाडु में विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन ने Tuesday को Government से तुरंत एक पूर्णकालिक कृषि सचिव नियुक्त करने का आग्रह किया. उन्होंने कहा कि समर्पित प्रशासनिक नेतृत्व की कमी के कारण बारिश के मौसम से पहले किसानों की चिंताएं बढ़ रही हैं.

उन्होंने कहा कि कृषि और किसान कल्याण विभाग के सचिव रहे आईएएस अधिकारी शंकर का पुरातत्व आयुक्त के पद पर तबादला हुए एक महीना बीत चुका है, लेकिन Government ने अभी तक उनकी जगह किसी पूर्णकालिक अधिकारी को नियुक्त नहीं किया है.

उदयनिधि ने सवाल उठाया कि Government एक अहम विभाग को बिना किसी समर्पित सेक्रेटरी के कैसे छोड़ सकती है, खासकर तब जब खेती-बाड़ी के लिए अलग बजट हो. उन्होंने कहा कि इस पद के खाली रहने से किसानों की भलाई के प्रति प्रशासन की प्रतिबद्धता पर गंभीर सवाल उठते हैं.

उन्होंने कहा कि मानसून के आने के साथ ही खेती-बाड़ी के क्षेत्र को स्थिर नेतृत्व और तेजी से तालमेल बैठाने की जरूरत थी.

किसानों पर असर डालने वाले फैसले तुरंत लिए जा सकें और जिला स्तर पर खेती-बाड़ी से जुड़े कामों की लगातार निगरानी हो सके, इसके लिए एक फ़ुल-टाइम सेक्रेटरी का होना जरूरी था. उन्होंने आरोप लगाया कि कृषि मंत्री और Chief Minister , जिन्हें इस मुद्दे पर ध्यान देना चाहिए था, वे दूसरे कामों में व्यस्त थे.

उदयनिधि ने सत्ताधारी टीवीके Government की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि Government सत्ता में आने के बाद फसल ऋण माफी के अपने वादे को पूरा करने में नाकाम रही है. उन्होंने प्रशासन पर खराब योजना वाले उपाय करने का भी आरोप लगाया, जिससे प्राकृतिक आपदाओं के कारण पैदा हुई दिक्कतों के बीच सांबा की खेती करने वाले किसानों की मुश्किलें और बढ़ गईं.

उन्होंने कहा कि तमिलनाडु के किसान लगातार निराशाओं का सामना कर रहे हैं. उन्होंने सिंचाई की कमी को लेकर हो रहे विरोध प्रदर्शनों और ऋण राहत की मांगों का जिक्र किया.

Monday को किसानों ने मुथुपेट्टई में सड़क जाम कर दी और शिकायत की कि सिंचाई का पानी नहर के आखिरी छोर वाले इलाकों तक नहीं पहुंचा है. किसानों ने खेती के लिए पानी छोड़े जाने की मांग करते हुए विरोध स्वरूप वीरनम झील में भी प्रवेश किया.

उन्होंने कहा कि तमिलनाडु किसान संघ ने चुनाव घोषणा पत्र में किए गए वादे के अनुसार फसल ऋण पूरी तरह माफ करने की मांग को लेकर 14 अक्टूबर को चेन्नई में सचिवालय का घेराव करने की योजना की घोषणा की थी.

उदयनिधि ने कहा कि इन हालात में विभाग का नेतृत्व करने और किसानों की परेशानी कम करने के उपायों में तालमेल बैठाते के लिए एक अनुभवी वरिष्ठ आईएएस अधिकारी की नियुक्ति जरूरी थी. इसके बजाय उन्होंने आरोप लगाया कि विभाग एक निष्क्रिय मंत्री और अनुपस्थित सचिव के कारण जूझ रहा है, जो खेती-किसानी करने वाले समुदाय के प्रति Government की बेपरवाही को दर्शाता है.

उन्होंने Government से अपील की कि वह देरी खत्म करे और खेती को बचाने तथा समय पर फैसले और तालमेल के साथ कार्रवाई करके किसानों की शिकायतों का समाधान करने के लिए तुरंत एक पूर्णकालिक कृषि सचिव नियुक्त करे.

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एएसएच/वीसी

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